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Ram Lalla Surya Tilak: 27 साल बाद आठ योग, कर्क लग्न में मनेगा प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव; इस मुहूर्त में पूजा

27 साल बाद 8 योगों में मनाया गया रामलला सूर्य तिलक श्रीराम का जन्मोत्सव, जानें पूजा मुहूर्त

अयोध्या रामलला सूर्य तिलक
– फोटो : अमर उजाला

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चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि को श्रीरामलला का जन्म हुआ था। इस बार उनके जन्म पर महायोग बन रहा है। 27 वर्ष बाद आठ योग, कर्क राशि और पुष्य नक्षत्र में प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

वहीं, सूर्य मेष राशि में होंगे तो पुजारी से लेकर घर तक प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव का उल्लास छाया रहेगा। पेंटिंग में विशेष अनुष्ठान होंगे। ज्योतिष गणना के अनुसार रामनवमी पर 27 वर्ष बाद आठ योग एक साथ पड़ रहे हैं। चंद्रमा सूर्य और भी प्रभु के जन्म के उत्तम योग में उपस्थित रहें।

आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री और आचार्य शुभम मिश्र ने बताया कि इस बार प्रभु श्रीराम के जन्म पर गजकेसरी, पर्वत, मालव्य पंच महापुरुष, पाराशरी राजयोग, अमला, वोशी, धन और रवि योग बन रहे हैं। जबकि इस दिन चंद्रमा कर्क राशि में और कर्क राशि में और सूर्य मेष राशि के दसवें घर में होंगे। जबकि पुष्य नक्षत्र रहेंगे। हालाँकि इस बार रामनवमी पर अभिजीत उत्सव नहीं बन रहा है। जबकि प्रभु के जन्म के समय यही मसीहा था।

कुंडली में गजकेसरी योग है तो होंगे श्रीराम जैसे यशस्वी

भगवान राम का जन्म हुआ था तो उनकी कुंडली में गजकेसरी राजयोग था। चमत्कारिक कुंडली में गजकेसरी जैसी राजयोग होती है, उन्हें गज जैसी शक्ति और धन की प्राप्ति होती है। इस साल भी ऐसा ही राजयोग बन रहा है। आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि गजेरी योग का प्रभाव व्यक्ति पर दयावान, परोपकारी, लक्ष्मीवान और यशस्वी होता है।


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