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New Education Policy: ग्वालियर के कृषि विश्वविद्यालय में डे-टू-डे मॉनिटरिंग सिस्टम लागू, बदल जाएगी कॉलेजों की तस्वीर

ग्वालियर की राजमाता विजयाराजे कृषि विश्वविद्यालय में डे-टू-डे मॉनिटरिंग प्रणाली लागू की गई है। इस प्रणाली के लागू होने से शिक्षण प्रक्रिया में सुधार किया गया है। इससे विद्यार्थियों की उपस्थिति का प्रबंधन सुधारा गया है। कक्षा समय से पूर्व भी ध्यान में रखा गया है। रिपोर्टिंग से जवाबदेही बढ़ती है, जिससे शिक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता को बढ़ावा मिलता है।

द्वारा अजय उपाध्याय

प्रकाशित तिथि: गुरुवार, 11 जुलाई 2024 03:00:00 पूर्वाह्न (आईएसटी)

अद्यतन दिनांक: गुरुवार, 11 जुलाई 2024 03:00:10 पूर्वाह्न (आईएसटी)

नई शिक्षा नीति: ग्वालियर के कृषि विश्वविद्यालय में डे-टू-डे मॉनिटरिंग सिस्टम लागू, बदल जाएगी अनदेखी की तस्वीर
ग्वालियर क्षेत्र के पांच कॉलेजों में लागू होगी डे-टू-डे मॉनिटरिंग प्रणाली। चित्र

पर प्रकाश डाला गया

  1. मॉनिटरिंग सिस्टम लागू होने से शिक्षण प्रक्रियाओं में सुधार होगा
  2. इस सिस्टम में छात्रों की उपस्थिति पर निगरानी रखी जाएगी
  3. माफ़ हुआ छात्र तो गार्जियन से भी जवाब मिलेगा

अजय उपाध्याय, नईदुनिया, ग्वालियर: नई शिक्षा नीति लागू होने के साथ ही विश्वविद्यालय स्तर पर शिक्षण प्रक्रिया में सुधार किया जा रहा है। इससे आगे व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा। मध्य प्रदेश में ग्वालियर की राजमाता विजयाराजे प्रथम कृषि विश्वविद्यालय के अंतिम चरण में डे-टू-डे मॉनिटरिंग प्रणाली लागू की गई है।

इसे लागू करने के पीछे शिक्षण प्रक्रिया में सुधार लाना है। इसकी मदद से विद्यार्थियों से लेकर पेशेवरों तक निश्चितता की जाएगी। कक्षा 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति होने पर विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं किया जाएगा और इसका उत्तर अभिभावक व शिक्षक को भी देना होगा।

इन पांच चरणों में लागू प्रणाली

ग्वालियर, खंडवा, मंदसौर, इंदौर और सीहोर कॉलेज में डे टू डे मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया है। इसकी प्रतिदिन रिपोर्ट तैयार होती है। यह रिपोर्ट डीन आफ फैकल्टी को प्रस्तुत की गई है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होती है। यदि कोई विद्यार्थी लगातार सोचता रहता है तो उसके रिश्तेदारों को सूचित किया जाता है और इसलिए भी कि वह क्यों सोचता है।

इसी तरह से शिक्षक चिंतित है तो उसके द्वारा अवकाश लिया गया या नहीं, इसकी रिपोर्ट तैयार होती है। यदि शिक्षक अवकाश पर है तो उसका रिलीवर तय हुआ या नहीं और रिलीवर द्वारा कक्षा ली जा रही है या नहीं। यह रिपोर्ट एफ फैकल्टी यूनिवर्सिटी के डीन को प्रस्तुत करते हैं।

इस तरह से काम करता है सिस्टम

कॉलेज में 12 विषय की पढ़ाई कराई जाती है। प्रत्येक विषय के HDI द्वारा ग्रुप तैयार किया गया है। इस समूह कक्षा में कौन शिक्षक ले रहा है, इसकी जानकारी दी जाती है। कक्षा समाप्त होने पर पूरे वर्ग का एक फोटो ग्रुप पर अपलोड किया जाता है। इससे शिक्षक और विद्यार्थियों की उपस्थिति का पता चलता है।

यदि कोई विद्यार्थी बिना रुके गायब होता है तो उसकी सूचना उसके अभिभावक को दी जाती है। यदि तीन दिन से अधिक समय तक रहता है, तो अभिभावक से उत्तर दिया जाता है और अभिभावक की सिफारिश पर कक्षा में शामिल किया जाता है।

इस सिस्टम के ये होंगे लाभ

  • कक्षाओं के समय पर और नियमित रूप से लगेंगे।
  • ऑडियो में विद्यार्थियों की उपस्थिति से पठन-पाठन का माहौल विकसित होगा।
  • शिक्षक का क्लॉस लेना अनिवार्य होगा।
  • पाठ्यक्रम पूरा बनाने की जिम्मेदारी शिक्षक पर होगी।
  • कोर्स पूरा न होने पर अतिरिक्त कक्षाएं लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
  • विद्यार्थियों का अध्ययन पर फोकस बढाएं।

यह भी मॉनिटरिंग प्रणाली लागू की गई है, जिसका उद्देश्य यह है कि विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए आते हैं तो उन्हें पढ़ाया जाता है। इससे सुधार हुआ है और पढ़ाई भी शुरू हुई है। इस सिस्टम के माध्यम से सभी की अकाउंट फिक्स कर दी गई है। जहां पर भी काम भी करना पड़ेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

-डा. अरविंद शुक्ला, बरी, राजमाता विजयाराजे कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर


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