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Gormi News: हरीक्षा में एक साथ 12 मोरों की मौत, ग्रामीण बोले- तस्करी के लिए जहरीला दाना खिलाकर मार डाला – Gormi News 12 peacocks died simultaneously in Hariksha villagers said killed by feeding poisonous grains for smuggling

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रिवोल्यूशन ने बताया कि हायर लेक्टर्स स्कूल परिसर में गांव में फसल काटने वालों के लिए कुछ मजदूर भर्ती हैं। इस मजदूर स्कूल में बने स्काई का लॉकर भी शामिल रह रहे हैं। साथ में ही कुछ श्रमिक पंचायत भवन में विश्रामगृह बने हुए हैं।

बाहर से आए इन बाइबिल और सूचना पुलिस को देने की जरूरत नहीं तो स्कूल प्रचार न ही सरपंच ने समझी। कई बार स्कूल की वर्कशॉप से ​​स्कूल में रह रहे स्माति को हटाने के लिए हम लोगों ने भी शिकायत की। लेकिन वर्कशॉप का कहना है कि वर्कर यहां रह रहे हैं।

आप लोगों को इसमें क्या परेशानी है। रिवायत को ख़तरा यह है कि बाहर से रहने वाले मैथ्यू ने ही मोरों को डाना मैगैला मार डाला है। वहीं समुद्री तट पर समुद्री वन विभाग की टीम मोरों को लेकर रवाना हो गई।

मोरों की ले जा रही जान-मोरों की ले जा रही जान-मोरों की मांग राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में है। त्योहारों पर बने उत्पादों की बिक्री पर नजर आ रही है।

इतनी बड़ी साज़िश में मोर पंख तीन पास कान्हा से आये ये डायनासोर वाला यान्हा कोई नहीं है। न तो पुलिस और न ही विभाग की टीम पूछताछ करती है। अंतिम ओपन आम बैटबैल से मोर वैली की बिक्री हो रही है। जिन्हे शायद कई मोरों को अपनी जान गंवानी पड़ेगी।

इन मोरों के शिकार के लिए शिकारी उन्हें सामी डाना में डाल देते हैं या कैद कर रख कर अंतिम संस्कार कर देते हैं। इनमें से कोई भी यह नहीं पहचान पा रहा है कि कौन से पंख प्राकृतिक रूप से पहचाने गए हैं और कौन से शिकार के बाद निकले हैं।

इसलिए सामानों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगानी चाहिए। जिससे हम अपने राष्ट्रीय पक्षी मोर को बचा सकें। कानून के तहत, मोर की हत्या और मोर पंख से निर्मित वस्तु का आरोप लगाया गया है।

विशेष नीति 2015-20 के अंतर्गत मोर पंख के सहयोगियों और ऐसे सामानों को शुल्क सीमा कानून, 1962 और उत्पाद जीव संरक्षण कानून, 1972 के तहत जब्ती कर लिया गया है। लेकिन लॉ मोर पंख और उनकी बनी वस्तु के घरेलू कारोबार की जानकारी इस आधार पर दी गई है कि यह पंख प्राकृतिक रूप से दिए गए होंगे।

हायर अय्यूज़ स्कूल परिसर में एक माह से मजदूरों की भर्ती की गई है। वहीं स्कूल के पास ही मरीज हुई मोर पाट मिल गई। ऐसा लगता है कि किसी ने स्कोर्ट डाना डाला हो। इससे पहले भी बीहड़ में मोरों के स्ट्राइक मिले थे। -बदमाशादाद, निवासी हरिक्षा।

हरिक्षा गांव में मोरों की मौत हो गई है। प्रथम दृष्टया मोरों पर द ग्रेट का मामला चल रहा है। यह दाना वंश द्वारा डाला गया था। इस मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सका। – अरविंद बजरंगी, वनपाल गोरमी।

स्कूल परिसर में एक माह से मजदूर भर्ती हैं। कई बार यहां से हटवाने के लिए पंचायत से काह भी कहा जाता है। हालांकि डिविजनल अधिकारियों को इस संबंध में अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है। – लक्ष्मी प्रयोगशाला, कार्यशाला, हायर स्कूल हरिक्षा।

स्कूल परिसर में यदि एक माह से मजदूरों को रखा गया है तो संबंधित कार्यशाला के द्वारा इस संबंध में कोई शिकायत क्यों नहीं की गई है। मामले की जांच की जाएगी। – बाबा स्वामी, जिला शिक्षा पदाधिकारी।

हरिक्षा में अगर एक साथ 12 मोरों की मौत हो जाए तो यह बहुत ही गंभीर मामला है। स्कूल परिसर में मजदूर क्यों बेरोजगार हुए थे। इस संबंध में डिविजन अधिकारियों से बात की जाएगी। -संजीव शिवरात्रि, डॉक्टर।

हरिक्षा में मोर डेथ की जानकारी मिली है। हम टीम मैक पर कार्मिक हैं। पशु चिकित्सक सेऐसे करा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद आतंकवादियों के खिलाफ मुकदमा कराएंगे। – मोहम्मद मांज, डीएफओ हिंद


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