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CG High Court : बीएड डिग्रीधारी सहायक शिक्षकों को हाई कोर्ट का झटका,नियुक्ति निरस्त – High Courts blow to assistant teachers holding B Ed degree appointment cancelled

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बीडीए डिग्रीधारकों की नियुक्ति के लिए उच्च न्यायालय में मान्य नियम बनाए

द्वारा राधा कृष्ण शर्मा

प्रकाशित तिथि: मंगलवार, 02 अप्रैल 2024 03:45 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: मंगलवार, 02 अप्रैल 2024 03:45 अपराह्न (IST)

सीजी हाई कोर्ट : बीडीए डिग्रीधारी सहायक अभियंता को हाई कोर्ट का झटका,नियुक्ति रद्द

पर प्रकाश डाला गया

  1. वह भी निरस्त्रीकरण होगा
  2. सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले को आधार बनाया गया

नईदुनिया प्रतिनिधि बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में बीएड डिग्रीधारकों के लिए सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में नियमों को शामिल माना है। इस टिप्पणी के साथ-साथ नियुक्तियों को भी आमंत्रित किया जाता है। कोर्ट ने राज्य शासन को छह सप्ताह के भीतर बाजार चयन सूची जारी करने का निर्देश दिया है। आदेश में अदालत ने यह भी कहा है कि रासायनिक चयन सूची में बैबलेड पास के हिस्से को प्राकृतिक अवसर दिया जाए।

डिलिवरी की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जस्टिस राकेश सिन्हा और जस्टिस अग्रवाल के डिवीजन बेंच में हुई। फाइल की सुनवाई के बाद कोर्ट ने 29 फरवरी को फैसला सुरक्षित रखा था। मंगलवार को डिवीजन बेंच का यह महत्वपूर्ण निर्णय आया है। डीएलएड ट्रेनिंग आर्टिस्ट विकास सिंह, युवराज सिंह और अन्य ने अपने-अपने माध्यम से अलग-अलग फाइल की थी। कहा गया था कि चार मई 2023 को सहायक शिक्षक के ग्रेड 6500 पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। 10 जून को परीक्षा हुई थी। इसमें बीडीएड और डीएलएड पाठ्यक्रम के दौरान शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।

जाबिक बीड कोर्स के दौरान साइकॉलज की ओर से कक्षाओं का अध्ययन किया जाता है। स्कूल शिक्षा विभाग ने नवीनीकृत में संशोधन किया है। इसके अनुसार, सहायक शिक्षक की भर्ती में स्नातक और बीएड या डीएलएड के लिए अनिवार्य योग्यता शामिल की गई है। जबकि बीएड प्रशिक्षणों को भर्ती में शामिल करना गैरकानूनी है। बीडीडी प्रशिक्षण प्राप्त कुणाल को प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को कोई प्रशिक्षण नहीं दिया जाता है। कंपनी ने सहायक शिक्षक की अनिवार्य योग्यता से बीएड को अवैध घोषित कर इसे हटाने की मांग की थी। साथ ही भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश दिया गया था। रिव्यू के बाद चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस एनके चंद्रवंशी की डिवीजन बेंच ने बीडीएबी काउंसिलिंग और अंतिम चयन सूची पर अंतरिम रोक लगा दी थी। साथ ही राज्य शासन से जवाब मांगा था।

सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले को आधार बनाया गया

युरोपियों ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का उल्लंघन करते हुए कहा कि राज्य शासन ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का उल्लंघन किया है। राज्य शासन द्वारा भर्ती प्रक्रिया के लिए अपने-अपने मानक और प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है।

वह भी निरस्त्रीकरण होगा

उद्यमियों के सुपरमार्केट ने बताया कि उच्च न्यायालय ने बीड पास में किसानों की याचिका समाप्त कर दी है। डिवीजन बेंच ने स्पष्ट कर दिया है कि प्राइमरी स्कूल के लिए केवल डीएलएड पास की उम्मीदवारी होगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि बीडीडी पास सहायक शिक्षक की सेवाएं ले रहा है, उनकी वकालत राज्य सरकार करेगी। साथ ही सप्ताह के अंदर डीएलएड के पास खिलौने की ही सलाह करें। इसके लिए विपणन चयन सूची बनाने के लिए कहा गया है।

  • लेखक के बारे में

    वर्ष 2010 में गुरु स्कीलीदास मॉडल विद्यालय, बिलासपुर से ग्रेजुएशन किया गया। पुस्तक शिक्षा एवं कार्य को आगे बढ़ते हुए I


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