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Bilaspur Court News: पूर्व आइएएस निरंजन दास और कारोबारी विधु गुप्ता ने हाई कोर्ट में दायर की याचिका

स्टॉकहोम में एसोसिएट्स के दो सहायक कर्मचारी हैं। अब इन सभी मामलों की एक साथ सुनवाई होगी। रिले, चौधरी ने प्रदेश में शराब घोटाले की जांच की थी, जिसमें होलोग्राम निर्माता कंपनी से मिलकर शराब के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ था।

द्वारा योगेश्वर शर्मा

प्रकाशित तिथि: गुरु, 25 अप्रैल 2024 01:13 पूर्वाह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: गुरु, 25 अप्रैल 2024 01:13 पूर्वाह्न (IST)

बिलासपुर कोर्ट समाचार: पूर्व आइएएस निरंजन दास और व्यापारी विधु गुप्ता ने हाई कोर्ट में मूर्तियों की याचिका दायर की
उच्च न्यायालय

नईदुनिया न्यूज,बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में एसीबी की एफआइआर को चुनौती देते हुए पूर्व आइएएस निरंजन दास और व्यवसायी विधु गुप्ता ने हाई कोर्ट में मामला दर्ज कराया है। एसीबी की कार्रवाई में संशोधन की मांग की गई है। मुख्य न्यायाधीश अप्रैल डिवीजन बेंच में इस मामले की सुनवाई 25 को दूसरी दाखिलों के साथ होगी।

स्टॉकहोम में एसोसिएट्स के दो सहायक कर्मचारी हैं। अब इन सभी मामलों की एक साथ सुनवाई होगी। रिले, चौधरी ने प्रदेश में शराब घोटाले की जांच की थी, जिसमें होलोग्राम निर्माता कंपनी से मिलकर शराब के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ था। शराब में गोदाम और नेताओं की भी दुकानें हैं। इस मामले में बीजेपी सरकार के आने के बाद ईडी ने प्रदेश में एसीबी में केस दर्ज कराया है। पूर्व कमिश्नर और मैसाचुसेट्स ने एसीबी की एफआइआर को चुनौती दी है। फार्मास्युटिकल विभाग के पूर्व कमिश्नर निरंजन दास और होलोग्राम निर्माता कंपनी से संबंध रखने वाले विधु गुप्ता की ओर से हाई कोर्ट में पेशी याचिका में यह तर्क दिया गया है कि डीडी के ईसीएआईआर को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इसके बाद भी डीडी ने इसका आधार एसीबी में दर्ज करा दिया। एसीबी की एफआइआर को कानूनी अधिकारी नहीं माना गया है, जिसे खारिज कर दिया जाएगा।

ढेबर और यश टुटेजा की फाइल के साथ होगी सुनवाई

मंगलवार को इस मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश राकेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश रजनी दबे की डिवीजन बेंच में हुई। इस दौरान कोर्ट को बताया गया कि इस मामले में बायोडाटा और यश टुटेजा ने भी फाइल फाइल की थी, जिसे 25 अप्रैल को पेश किया गया था। शासन की ओर से कहा गया है कि शराब घोटाले के सभी मामले एक साथ सुने जाएं। इस पर डिवीजन बेंच ने निरंजन दास और विधु गुप्ता की भर्तियों को भी बयाली ढेबर और यश टुटेजा की भर्तियों के साथ सुनने के निर्देश दिए।

एसीबी के पूर्व प्रबंध निदेशक को किया गया गिरफ्तार, 70 को बनाया गया अपराधी

एसीबी अरुण प्लांट विभाग के पूर्व विशेष सचिव और छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के एमडीपति ने 70 लोगों को शामिल किया है। इस मामले में एसीबी की टीम ने हाल ही में एसीबी की टीम में एसीबी के भाई अरुण पति त्रिपाल को गिरफ्तार किया है।


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