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Akshaya Tritiya 2024: अक्षय तृतीया पर अस्त रहेगा गुरु व शुक्र का तारा, मांगलिक कार्य नहीं होंगे

अक्षय तृतीया के दिन गुरु व शुक्र का तारा अस्त होने से विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं होगा। विवाह के शुद्ध व शुभ निमंत्रण के लिए जुलाई तक इंतजार करना होगा।

द्वारा कुशाग्र वलुस्कर

प्रकाशित तिथि: शुक्र, 26 अप्रैल 2024 06:57 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: शुक्र, 26 अप्रैल 2024 06:57 अपराह्न (IST)

अक्षय तृतीया 2024: अक्षय तृतीया पर रहेगा गुरु व शुक्र का तारा, मांगलिक कार्य नहीं होगा
अक्षय तृतीया 2024

पर प्रकाश डाला गया

  1. सबसे बाद में गूंजेगी शहनाई
  2. शुभ महीने के जुलाई तक इंतजार करना होगा

नईदुनिया प्रतिनिधि, मज़हब। अक्षय तृतीया 2024: वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अक्षय तृतीया 10 मई को आ रही है। अक्षत तृतीया को अजन्मा पुजारी कहा जाता है, इस दिन बिना पुजारी के भी विवाह की मान्यता है। इस बार अक्षय तृतीया के दिन गुरु व शुक्र का तारा अस्त होने से विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं होंगे। विवाह के लिए जुलाई तक इंतजार करना होगा।

ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला ने बताया कि विवाह के लिए गुरु व शुक्र के तारे का उदित होना आवश्यक है। इन दोनों में से किसी एक के भी अंतिम जीवन पर विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं होते हैं। अक्षय तृतीया को एक पुजारी पुजारी कहा जाता है, इस दिन बिना पुजारी के भी युवा-युवतियों का विवाह होता है। लेकिन इसके लिए गुरु व शुक्र के तारे का उदित होना भी जरूरी है।

9 जुलाई से शुरू होगी शादी

गुरु व शुक्र का तारा उदय होने के बाद 9 जुलाई से एक बार फिर विवाह समारोह की धूम शुरू होगी। जुलाई में क्रमशः 9, 11, 12, 13 और 15 जुलाई विवाह की तारीखें हैं। इनमें अपने चंद्र बल और गुरु बल की गणना से विवाह की तिथि का चयन किया जा सकता है। 17 जुलाई से चातुर्मास, चार माह इंतजार करना होगा पंचांगीय गणना के अनुसार 17 जुलाई को देव शयनी एकादशी है। इस दिन से भगवान विष्णु राजा बलि का आतिथ्य स्वीकार करते हुए चार महा पाताल लोक में निवास करेंगे। इसी समय पृथ्वी पर चातुर्मास के रूप में आगमन होगा। इस दौरान चार माह विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं होंगे। जप,तप,नियमों का पालन करते हुए धर्म अध्यात्म में घूमेंगे। दीपावली के बाद कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की देव उत्सवनी एकादशी से विवाह आदि प्रारंभ होंगे।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक शास्त्रों/धर्मग्रंथों से चर्चा करके यह जानकारी आप तक पहुंचाई गई है। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना देना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ताओं या पाठकों की ही होगी।’

  • लेखक के बारे में

    माखनलाल शेट्टी राष्ट्रीय मठ एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मास कम्युनिकेशन ग्रेजुएट कुशाग्र वालुस्कर नईदुनिया डिजिटल में सीनियर सब एसोसिएट के पद पर हैं। माह


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