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सावन के पवित्र माह में उत्तर प्रदेश को अशांत करने का कौन कर रहा है षड्यंत्र – Who is conspiring to disturb Uttar Pradesh in Holy month of Sawan

वर्ष 2017 से ही योगी अदियानाथ की सरकार, यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रख रही है। व्यवस्था के लिए सुविधा उपलब्ध है।

द्वारा नवोदित शक्तावत

प्रकाशित तिथि: बुध, 27 जुलाई 2022 03:06 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: बुध, 27 जुलाई 2022 03:07 अपराह्न (IST)

सावन के पवित्र माह उत्तर प्रदेश में शांति लाने का कौन कर रहा है मंत्र

मृत्युंजय लेखक

सावन के पवित्र माह में लाखों की संख्या में शिवभक्त भोलेनाथ की भक्ति में डूबकर पवित्र कांवड में जल लेकर भगवान शिव पर चढ़ाने जा रहे हैं। सभी प्रसिद्ध प्राचीन ऐतिहासिक शिव नक्षत्रों में विशाल भीड़ वाली जगह रही है। उत्तराखंड के हरिद्वार में लाखों शिवभक्त कैथेड्रल पहुँचे हुए हैं जो एक अदभुत कीर्तिमान बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तराखंड की ओर से पुरातात्विक यात्रा पर ध्यान दिया जा रहा है लेकिन यहां भीड़ इतनी ज्यादा है कि यह भी कम लग रही है। वर्ष 2017 से ही योगी अदियानाथ की सरकार द्वारा यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है और उनकी सुविधाओं के लिए व्यवस्थाएं दी गई हैं। उनकी भक्ति भावना के सम्मान के लिए उन पर पुष्पवर्षा भी की जाती है जो इस बार उत्तराखंड में भी हो रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुरा महादेव से लेकर हेलीकाप्टर से पुष्पवर्षा की। आस्था के सम्मान में इन पुष्पों से वातवारण और धर्ममय हो गया। एक हेलीकैप्टर से लेकर पुष्पवर्षा तक के सचिवालय और दूसरे हेलीकैप्टर में बैठे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथ हिलाकर शिवभक्तों का आधिपत्य स्वीकार करते रहे। यह नयनाभिराम दृश्य बहुधर्मी धर्म निरपेक्ष निरपेक्षता और असामाजिक प्रवृत्ति को रास नहीं आ रहा है। यही असामाजिक तत्व प्रदेश में अशांति का माहौल पैदा कर समाज में नफरत की आग को बढ़ावा देने की साजिश रच रहे हैं।

सावन के पवित्र माह उत्तर प्रदेश में हिंदू समाज को बदनाम करने और पर्यावरण को अशांत करने के लिए कथित जेहादी और अराजक तत्व नित नये प्रयोग कर रहे हैं। यह तो भगवान शिव की कृपा है और प्रदेश पुलिस की चिंता का विषय है कि अभी तक कोई भी बड़ा काम नहीं हुआ है लेकिन फैक्ट्री से लेकर संभल तक जो घटनाएं हो रही हैं वह बहुत ही शिक्षा और चिंता का विषय हैं।

प्रदेश की राजधानी नोएडा से लेकर मेरठ और गुड़गांव तक जहां कुछ सड़की तत्त्व सार्वजनिक रूप से नमाज अदा कर मध्यरात्रि में खराब करने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं नॉर्वे से जो मामला प्रकाश में आया है, वह बहुत ही अचंभित है। समाचार है कि जर्मनी में भगवा रंग का साफा बंद दो भाइयों ने शेरकोट में बाबा जलाल शाह और गांव ढांलियावाला में भूरेशाह की मजार में दफनाने की कोशिश की। दोनों की पहचान मोहम्मद कामिल और मोहम्मद आबिद के रूप में हुई है दोनों से ही पूछताछ जारी है।

अभी तक की जांच में पता चला है कि यह दोनों स्टूडियो टूर के दौरान स्टूडियो की वेशभूषा में डूबे हुए थे। इन चारों के घर वालों का कहना है कि ये लोग मानसिक रूप से बीमार हैं लेकिन पता चल रहा है कि ये दोनों लोग अरब देशों से जुड़े हुए हैं और कई बार अरब देशों की यात्रा कर चुके हैं। यह जानकारी सामने आने के बाद अब प्रदेश की सभी सुरक्षा और खुफिया एजेसियां ​​और अधिक सुरक्षा हो गई हैं और कैसला कांड की जांच को अब राक्षसी रिकॉर्ड भी आ गए हैं।

यह तो भगवान शिव की कृपा रही कि यह साजिश समय खोला गया नहीं तो यह लोग इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया से लेकर तक भेजे गए और पूरे हिंदू समाज को बदनाम किया गया। पूरी दुनिया में हिंदू राक्षस का तमाशा खड़ा हुआ और कहा गया कि भारत में अल्पसंख्यक ख़तरा है। जगह-जगह धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के नेताओं ने हड़ताल कर प्रदर्शन किया और कथित गिरोह ने ट्वीट कर प्रदेश सरकार की छवि खराब करने की कोशिश की।

तलाक जिले में मुस्लिम महिलाओं ने बीच रोड पर चारपाई पर रुकवाकर तलाक ले लिया। पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद काफी अनहोनी का मामला शांत हो गया। साइबेरियाई, संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त अरब अमीरात में भी मस्जिद पर मुस्लिम समाज की ओर से पत्थर फेंके गए, जिससे तनाव उत्पन्न हुआ। यह सभी उपयोगकर्ता उस समय हो रहे हैं जब प्रदेश पुलिस सतर्क है।

दूसरी ओर कुछ निर्देशित तत्व सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़ की दुकान पर भी प्रदेश का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। नोएडा के लुलु माल में नमाज पढ़ी गई। पुलिस प्रशासन असुरक्षा के बाद सोशल मीडिया पर सोशल मीडिया पर वायरल हो जाने के बाद पुलिस प्रशासन की कार्रवाई के बाद विरोध स्वरुप हनुमान चालीसा पाठ वाले तीन लोगों को न्याय में ले लिया गया, जबकि नमाज पढ़ने वालों की अभी तक पहचान और खोज जारी है।

अभी कुछ दिन पहले ही गोरखपुर में आईआरएएस अधिकारी के घर के सामने एक मुस्लिम द्वारा पढ़ी गई नमाज जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया गया था। गोरखपुर की इस घटना का वीडियो तो एक राहगीर ने बनाया और वो वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। इस वीडियो के सामने आने के बाद एसपी सिटी ने एक्शन की बात कही है। राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर भी नमाज पढ़ने का एक वीडियो वायरल हुआ है। समझ में नहीं आता प्रदेश में इतनी बड़ी मस्जिदों के बाद भी इधर नमाज क्यों पढ़ी जा रही है?

इसी प्रकार कुछ उपदेशी तत्व प्रदेश का माहौल खराब करने के लिए धार्मिक स्थलों के सामने अपवित्र वस्तुएं भी लगातार फेंकी जा रही हैं। यह है कि इन असमाजिक तत्वों को प्रदेश का माहौल खराब करने के लिए पूरी तरह से सक्रिय किया गया है। टीवी चैनलों की बहसों में सभी चर्च और सेकुलर आश्रमों के प्रवक्ताओं की इन घटनाओं की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और प्रशासन पर मकर आतंकी समूह के समर्थकों को बचाने की कोशिश की जा रही है और योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व वाली सरकार के अनुयायियों से चर्चा के लिए सभी चर्चों में चर्चा की जा रही है। ही जिम्मेदार बता रहे हैं।

एक मुस्लिम स्कॉलर टीवी चैनल की विशेषताओं को दी जा रही थी और उन पर की जा रही पुष्पवर्षा की अगली कड़ी की आलोचना की जा रही थी और संविधान विरोधी विशिष्ट योगी सरकार की छवि को खराब करने का प्रयास किया जा रहा था लेकिन जब पुराने मुख्यमंत्री रोजा इफ्तार करते थे तो उदाहरणार्थ बड़ा आनंद आता है। प्रामाणिक इन सांस्कृतिक लोगों को लग रहा है कि यह प्रचारक यात्री भाजपा का वोट बैंक है जबकि वास्तविकता यह है कि यह सभी दल शास्त्रीय यात्रियों को हीनभावना से देखते थे और इनके लिए कभी भी किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं करते थे।

यह प्रदेशवासियों के लिए बेहद संतोष की बात है कि आज प्रदेश में योगी जी के नेतृत्व में एक मजबूत सरकार चल रही है अगर यह सरकार नहीं होती तो आज खजांची स्मृतियों के लिए हिंदू समाज को ही बदनाम और बदनाम किया जाता। अत: हिंदू समाज के लिए यह जगने का समय है, इसलिए कहीं कोई अनर्थ न हो।

  • लेखक के बारे में

    वर्तमान में नईदुनिया डॉट कॉम में शेयरधारक हैं। पत्रकारिता में अलग-अलग नामांकन में 21 साल का दीर्घ अनुभव। वर्ष 2002 से प्रिंट और डिजिटल में कई बड़े दिन सिद्धांत


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