BusinessFoodsGamesTravelएंटरटेनमेंटदुनियापॉलिटिक्सवाराणसी तक

विरोधी दलों को रास नहीं आया हर घर तिरंगा अभियान, संघ को बता दिया देशद्रोही – Tricolor campaign was not liked by opposition parties told Sangh a traitor

नारा केवल नेहरू खानदान का गौरवगान करता था। अब एक गरीब के घर की शान हो गई है गणतंत्र दिवस।

द्वारा नवोदित शक्तावत

प्रकाशित तिथि: शनिवार, 06 अगस्त 2022 02:26 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: शनिवार, 06 अगस्त 2022 02:29 अपराह्न (IST)

विरोधी विचारधारा को रास नहीं आया हर घर राष्ट्रव्यापी अभियान, संघ को बताया गया सिद्धांती

मृत्युंजय लेखक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश हित में जो भी कदम उठाते हैं कुछ विरोधी दल बिना आगा चेस सोचे उनके विरोध में झंडा उठा लेते हैं फिर प्रधानमंत्री का विरोध देश विरोध में ही क्यों न बदले जाएं। ये ग़लती वे लगातार कर रहे हैं कि मोदी और बीजेपी और भारत विरोध में अंतर समझ नहीं पा रहे हैं। इसी क्रम में इस बार हर घर के गठबंधन के प्रस्ताव के साथ ही कांग्रेस ने एकजुट होकर प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर हमला बोल दिया है।

कांग्रेस बॉल में कई चर्च ऑर्केस्ट्रा को हर घर में शामिल किया गया है, रास नहीं आ रहा है और वो एस्पेरिअम के रूप में संघ पर हमला कर रहे हैं, जिसमें शामिल हैं स्टूडेंट एम्स के नेता असुदुद्दीन सोलंकी सबसे आगे दिख रहे हैं। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के मुस्लिम नेता भी अपने सुर में सुर मिला रहे हैं और पूछ रहे हैं कि आख़िरकार संघ ने अपने कार्यालय में 55 साल तक का नारा क्यों नहीं लगाया? ऐसे लोग जिनके कारण देश का विभाजन हुआ वह संघ के राष्ट्रभक्ति पर सवाल उठा रहे हैं। जिन लोगों ने अपनी सत्यता से असहमत होने के लिए निंदा की और सभी विरोधी विचारधारा के नेताओं को जेलों में बंद कर दिया, वह लोग मोदी और संघ पर तानाशाही का आरोप लगा रहे हैं। अपनी कांग्रेस ही पूरा इतिहास भूलकर नकारात्मक नकारात्मक खेल खेल रही है। यदि संघ एक संवैधानिक संगठन है तो फिर कांग्रेस के ही प्रतिष्ठान पर से प्रतिबंध क्यों हटाया गया था?

संघ और राष्ट्रीय प्रमाण पत्र – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डा. केशव राम बलिराम हेडगेवार जी का जन्म तो कांग्रेस से ही हुआ था। हेडगेवार जी बचपन से ही देशभक्त थे। प्राथमिक कक्षा में श्लोक समय सन 1897 में इंग्लैंड की महारानी विक्टोरिया के राज्यारोहण के छठे वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पाठशाला में मिठाई को केशव ने फाँसी दी थी। सन 1901 में एडवर्ड सप्तम के राज्यारोहण के दिन सर्वत्र मोटरसाइकिल चल रही थी, वह घर में ही बैठी थी। उन्होंने कहा, ”ये सारे विदेशी राजा रानी हैं, हमारे नहीं।” उनके उत्सवों में हम भाग क्यों लेना चाहते हैं?” सन 1905 में वंदेमातरम आंदोलन के समय विद्यालय से प्रस्थान हुआ। सन 1915 से 1920 तक नागपुर में डॉ. साहब के पास रहे, राष्ट्रीय गोदामों में अत्यधिक सक्रिय रहे। संपूर्ण स्वतंत्रता जैसे शब्दों के प्रयोग का अत्यधिक आग्रह किया जाता था। जब कांग्रेस ने आंदोलन की शुरुआत की तो उस समय कांग्रेस और डा. हेडगेवार जी की एकांत अलग हो गई थी।

यह बात बिल्कुल सत्य है कि देश को स्वतंत्र करने का काम कांग्रेस ने नहीं किया था, बल्कि कांग्रेस ने तो देश का बंटवारा कर दिया था। राहुल गांधी और देश के कथित नेताओं को बार-बार पुराना इतिहास पढ़ना चाहिए। ऐसा लगता है कि राहुल गांधी यह सब भूल गए हैं कि 1962 में भारत पर चीन के आक्रमण के समय संघ के स्वयंसेवकों की सेवा से प्रभावित तानाशाह प्रधानमंत्री नेहरू जी ने 1963 के गणतंत्र दिवस परेड में संघ को आमंत्रित किया था। संघ के कार्यक्रम में भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन भी हिस्सा ले चुके हैं। उन्होंने 20 नवंबर 1949 को थिएटर में कहा था, ”संघ के लोग आदर्श से घृणा करते हैं।” उन पर आक्रमण करने पर इस प्रकार का आरोप सर्वथा सत्य है। दादी को भी संघ से मित्रता, सहयोगी और संगठन का काम सीखना चाहिए। ”1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने संघ के सरसंघ चालक गुरुजी गोलवलकर को सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित किया था। पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने भी 1977 में संघ के दर्शन पर स्वामी विवेकानंद की मूर्ति का अनावरण किया था। इतना ही नहीं अगर कांगस और राहुल गांधी अपना पुराना इतिहास इतना ही भूल गए हैं तो उन्हें यह तो याद रखना ही चाहिए 2018 में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी संघ के कार्यक्रम में शामिल हुए थे और अपना सारगर्भित उद्बोधन भी दिया था और उस समय यह घटना हुई थी को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया था.

दरअसल गोलों में बुरी तरह से घेराबंदी करते हुए राहुल गांधी के हर घर के अभियान को बदनाम करने के लिए संघ से सवाल पूछे जा रहे हैं कि, संघ ने 52 साल तक गणतंत्र दिवस क्यों नहीं मनाया? आज वह लोग संघ पर 52 साल तक तिरंगे को असली सम्मान मिल रहा है। अभी तक तिरंगे को कुछ लोगों और सिंगापुर तक ही सीमित रखा गया था। कांग्रेस ने तो 70 साल तक का झंडा आम जनता तक नहीं पहुंचाया था। नारा केवल नेहरू खानदान का गौरवगान करता था। अब एक गरीब के घर की शान हो गई है गणतंत्र दिवस।

इतिहास गवाह है कि वर्ष 20224 तक निजी तौर पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई थीं, और आज जो लोग यह आरोप लगा रहे हैं कि यूनियन ने 52 साल तक क्यों नहीं छोड़ी उन्हें यह अच्छी बात पता चली है कि 2004 में सुप्रीम कोर्ट में एक फाइल का मसौदा जारी किया गया था और उसके फैसले के बाद ही सभी प्रतिबंध समाप्त हो गए थे और उसके बाद से लगातार संघ कार्यालय पर राष्ट्रध्वज फायरिंग की जा रही थी। आज जिस प्रकार से हर घर के बैनर तले अभियान चलाया जा रहा है वह भी संघ के एक स्वयंसेवक वकील के माध्यम से संभव हुआ है। इससे पहले भी संघ के स्वयंसेवकों द्वारा, संगठन और लोकतंत्र में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। मूल रूप से आज संघ पर जो आरोप लगाया गया है वह केवल अपनी उपज हुई जमीन को ही बचाने और अपने घोटालों और पापा से जनता का ध्यान हटाने के लिए जगह जा रहे हैं।

राहुल गांधी ने संघ को प्रशिक्षित करते हुए आज कहा कि हर नागरिक को प्रशिक्षण दिया गया है जो पूरे जोश में है, उत्साह वॅजेंसी के साथ स्वयं को आगे बढ़ाते हुए हर घर गणतंत्र अभियान में भाग ले रहा है। जिस प्रकार देश में स्वतंत्रता अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ शामिल किया गया अभियान जन अभियान बन गया अब इसी प्रकार हर घर भी फहराया जाएगा।

राहुल गांधी ने संघ को चुनौती तो दी लेकिन वह महात्मा गांधी के विचारों को भी भूल गए। गांधी जी ने 16 सितंबर 1947 को दिल्ली में संघ के स्वयंसेवकों से मुलाकात की इच्छा व्यक्त की। वर्ष 2000 में एक साथ एकजुट होकर गांधी जी ने कहा था कि, ”जब संघ के संस्थापक जीवित थे, कुछ समय पहले वे आपके शिविर में थे।” वहां आपके निर्देशानुसार अस्पृश्यता का पूर्ण रूप से अभाव और कठोर सादगी पूर्ण जीवन को देखना काफी प्रभावित हुआ। सेवा और सेवा त्याग के उच्च आदर्श से प्रेरित कोई भी संगठन दिवस – प्रतिदिन अधिक शक्तिवान बने बिना नहीं रहेगा। “आज महात्मा गांधी की सत्यता हो रही है।” आज संघ की सूची शहर-शहर और गांव-गांव तक है। हर किसी संघ के विषय में गहराई के साथ जानकारी चाही जा रही है।

सच तो यह है कि नेशनल हेराल्ड डीओसीए की जांच में तेजी से गति से चल रही है और संभावना जताई जा रही है कि आगे चलकर माधव गांधी परिवार के सदस्यों को भी वैध ठहराया जा सकता है। इसी वजह से श्रीमती सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी दबाव में तनाव में आ गए हैं और संघ पर समर्थकों और मनगढ़ंत पर आरोप लगा रहे हैं।

  • लेखक के बारे में

    वर्तमान में नईदुनिया डॉट कॉम में शेयरधारक हैं। पत्रकारिता में अलग-अलग नामांकन में 21 साल का दीर्घ अनुभव। वर्ष 2002 से प्रिंट और डिजिटल में कई बड़े दिन सिद्धांत


Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button