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रक्षामंत्री के बयानों से भारत के सभी आंतरिक व बाहरी शत्रु सकते में – Defence minister rajnath singh statements gilgit baltistan all internal and external enemies are in danger

राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नोटबंदी से लेकर अब तक यह प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है। उन्होंने आगे जोड़ा कि अभी तो हमने विकास का आधार स्थापित किया है और उत्तर दिशा की ओर स्थापित किया है।

द्वारा कुशाग्र वलुस्कर

प्रकाशित तिथि: रविवार, 30 अक्टूबर 2022 11:50 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: रविवार, 30 अक्टूबर 2022 11:54 अपराह्न (IST)

रक्षा मंत्री के शस्त्रागार से भारत के सभी आंतरिक और बाहरी शत्रुतापूर्ण युद्ध हो सकते हैं
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नोटबंदी से लेकर अब तक यह प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है। उन्होंने आगे जोड़ा कि अभी तो हमने विकास का आधार स्थापित किया है और उत्तर दिशा की ओर स्थापित किया है।

मृत्युंजय लेखक

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शौर्य दिवस के मौके पर अपने जम्मू-कश्मीर दौरे पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया था, जिसमें दिए गए बयान में कहा गया था कि भारत के अंदर और बाहर जम्मू-कश्मीर को बचाए रखने के लिए लोगों को हुडंकप माचा दिया गया। आने वाले समय में आहट स्पष्ट रूप से बताई जा रही है और गुपकार गठबंधन आ सकता है। इसी बीच जम्मू-कश्मीर के भारत में विलीनीकरण के 75वें वर्ष में भी पूर्ण होने के संबंध में परमाणु ऊर्जा मंत्री किरण रिजिजू के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने जम्मू-कश्मीर लेकर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी की विचारधारा का भी खुलासा किया है। रक्षा मंत्री के बयान से आई कांग्रेस और गुपकार गठबंधन को भी दबाव में लाया जा सकता है।

अपनी स्वतंत्रता यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नोटबंदी से लेकर अब तक यह प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है। उन्होंने आगे जोड़ा कि अभी तो हमने विकास का आधार स्थापित किया है और उत्तर दिशा की ओर स्थापित किया है। हमारी तो तब पूरी होगी जब हम 22 फरवरी 1949 को भारतीय संसद में प्रस्ताव से प्रस्ताव लेकर अमल में लाएँगे और उसके दल ही अपने बाकी बचे हिस्सों जैसे गिलगित, बलूचिस्तान और पाकिस्तान तक पहुँचेंगे। भारत की विकास यात्रा तभी पूरी होगी।

अभी पाक अधिकृत केश (डीपलीके) वैसे ही पाकिस्तान में है लेकिन वह भारत का सिद्धांत अंग है और भारत के कई मौकों पर पीलकीके को पाकिस्तान से आजाद करने की बात दोहराई जा रही है। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद भारत सरकार का पतन और बर्बाद हो गया है। जहां पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत के खिलाफ झूठ का कारोबार चल रहा है, वहीं भारत कई बार पाकिस्तान को खाली करने के लिए साफ शब्दों में चेतावनी दे चुका है। रक्षा मंत्री का यह बयान इसी कड़ी में एक अहम निरीक्षण माना जा रहा है।

रक्षा मंत्री के बयान में एंटोनियो जनरल और बीजिंग में साफा सुना जा रहा है और गुपकार अलायंस जो लगातार भारत सरकार पर पाकिस्तान से बातचीत कर रहा है और एजेंडा -370 और 35-ए की बहाली का दबाव बना रहा है। भारत सरकार के वित्त मंत्री ने यह साफ कर दिया है कि अब 370 और 35 ए की वापसी नहीं हो रही है और न ही किसी भी तरह की ढिलाई जारी करने वाले लोगों का समर्थन किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर के गवर्नर ने भी इस बात पर साफ संकेत दिया है कि जो लोग अपने जहाजरानी और जहाजरानी के प्रति अपने समर्थन की मांग कर रहे हैं, उन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यदि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने पांच बड़ी गलतियां नहीं की थीं तो आज पूरा द्वीप चिन्हके और गिलगित, बलूचिस्तान तक का संपूर्ण क्षेत्र भारत का सिद्धांत अंग होता है। इतिहास गवाह है कि राजा महाराजा हरि सिंह अपनी पूर्व रियासत का भारत में विलय चाहते थे लेकिन जवाहर लाल नेहरू ने ऐसा नहीं किया। वो यूएनओ चले गए और कश्मीर के केस के तहत वहां 51वें स्थान पर पहुंच गए, इस देश की जमीन पर गैर कानूनी व्यवसाय को लेकर आया था। 20 अक्टूबर 1947 को पाकिस्तान में कश्मीर पर हमले से भी नेहरू प्रभावित नहीं हुए। तब भी हरि सिंह ने नेहरू से विलय का पुनः अनुरोध किया था। इस समय भी नेहरू निजी निजी स्वामित्व खोले हुए थे। नेहरू ने हरि सिंह की बात नहीं मानी। नेहरू जी ने अपने मित्र शेख अब्दुल्ला के हित में काम किया। कश्मीर को लेकर लगातर यह झूठा फैलाया जा रहा है कि भारत कश्मीर में जनमत संग्रह को रोका जा रहा है। यदि उस समय महाराज हरि सिंह की को मान ली जाती थी तो आज बात यह है कि हालात न होते और चीन की बुरी नजर भारत पर नहीं होती। अगर जुलाई 1947 में ही विलय हो जाता था तो पाकिस्तान कश्मीर को लेकर सक्रिय नहीं होता था और न ही हमला करता था न आज कश्मीर में जारी उग्रता से हमें झटकाना पड़ता था और नहीं 1990 में कट्टर हिंदुओं को घाटी से बाहर निकाला जाता था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अतीत की गलतियों को ठीक करने के लिए ही एनोटेशन-370 को हटाया और इसके बाद भारत के सभी इलाकों का एकीकरण पूरा किया। कश्मीर को लेकर लगातार झूठ चल रहा था जो अब खत्म हो चुका है लेकिन जम्मू-कश्मीर का गुपकार गठबंधन ही नहीं चीन, पाकिस्तान और भारत विरोधी सभी ताकतों पर अभी भी लगातार भारत 370 की बहाली का दबाव बना हुआ है और पाकिस्तान का नेतृत्व जारी है ओस्टिक्स में ऑर्गनाइजेशन झूठ का ज़हर उगल रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर में तानाशाहों पर अत्याचार हो रहे हैं। एडिट-370 की प्रतिष्ठा में वहां के सभी क्षेत्रीय दल गठबंधन की नदी में ना रहे थे वह अब धीरे-धीरे समाप्त हो रहे हैं। वहां के स्थानीय लोगों को उनका अधिकार मिल रहा है। आज़ादी के बाद ऐसा पहली बार हुआ कि जम्मू कश्मीर के महाराज हरि सिंह की जयंती के अवसर पर उन्हें सार्वजनिक रूप से घोषित कर दिया गया लेकिन गुपकार गठबंधन ने अपनी घृणित राजनीति के कारण उनका भी विरोध किया और बेनकाब हो गये।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने दौरे पर पूर्वी आतंकवादियों के 75 सैन्य राष्ट्रों को समर्पित किया है, जिससे अब युद्ध की स्थिति भारतीय सेना पर बनी रहे और उनका साजो-सामान तेज गति से सीमा पर स्थित रहे। इसके साथ ही रक्षा मंत्री ने महत्वपूर्ण रूप से 2,180 करोड़ की लागत से निर्मित पुल, सड़क और हेलीपैड सहित महत्वपूर्ण आतंकवादियों, जम्मू कश्मीर, अरुणाचल और डिवीजन के लिए राष्ट्रों को समर्पित किया है। दारबक श्योक नमकबेग ओल्डी मार्ग पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर 14 हजार फीट की दूरी पर स्थित रोड पर 120 मीटर लंबी क्लास-70 श्योक सेतु का उद्घाटन किया गया। यह सेतु महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सशस्त्र सेनाओं के साजो-सामान के सुझावों को सुविधाजनक बनाएगा। रक्षा मंत्री द्वारा कई अन्य पुरातत्वविदों का उद्घाटन भी किया गया, जिनमें 45 सेतु, 27 सड़कें, दो हेलीपैड और एक कार्बन ज्वालामुखी हेबिटेट शामिल हैं और जो- छह राज्यों और दो केंद्रों के गठबंधन शामिल हैं।

रक्षा मंत्री का आरोप है कि जम्मू-कश्मीर में अब सशस्त्र सेनाओं की जरूरतों के लिए आवासीय संस्थानों का विकास हो रहा है, जिसके कारण उत्तरी क्षेत्र की स्थिति को प्रभावी ढंग से विकसित करने में भारत को मदद मिली है। रक्षा मंत्री ने चीनी सेना के पूर्व के आक्रामक व्यवहार पर ध्यान देते हुए कहा कि ये सेतु, सडकें और हेलीपैड देश के पश्चिमी तट और उत्तर पूर्वी क्षेत्र के सुदूर पूर्वी क्षेत्र में सैन्य एवं असैन्य परिवहन को सुगम बनाया जाएगा। रक्षा मंत्री का कहना है कि दूर दराज के जंगलों को जल्द ही पूरे देश से जोड़ दिया जाएगा और संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर प्रगति पथ पर ले जाएंगे।

यह सत्य है कि जम्मू-कश्मीर में 370 के दशक के विकास की नई सुबह हो रही है, जो जम्मू-कश्मीर में निजी संपत्ति की तरह प्रयोग करने वाली ताकतों को रास नहीं आ रही है। ये आज एक बार फिर से कश्मीर घाटी में आदिवासियों के नरसंहार के लोग का समर्थन कर रहे हैं। इन लोगों की चटपटहाट रक्षा मंत्री के कार्यालय के बाद चरम पर है।

  • लेखक के बारे में

    माखनलाल शेट्टी राष्ट्रीय मठ एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मास कम्युनिकेशन ग्रेजुएट कुशाग्र वालुस्कर नईदुनिया डिजिटल में सीनियर सब एसोसिएट के पद पर हैं। माह


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