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वाराणसी तक

यह है असली मिशन शक्ति… वाराणसी की बेटियां, मांएं सीख रहीं हैं आत्‍मरक्षा के गुर

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अभिषेक जायसवाल, वाराणसी
देश मे बेटियों के साथ बढ़ते रेप और छेड़खानी की घटना के बाद अब ताइक्वांडो सीखने वाली बेटियों की संख्या बढ़ गई है। वाराणसी के ताइक्वांडो ट्रेनिंग सेंटर में बेटियां ही नहीं बल्कि अब शादीशुदा महिलाएं और वृद्ध भी ताइक्वांडो सीख रही हैं ताकि मुश्किल घड़ी में वो अपने साथ अपनी बेटी-बहू की रक्षा कर सकें।

ताइक्वांडो सीखने वाली शैफाली ने बताया कि अक्सर टीवी और न्यूज चैनल पर हमलोग बेटियों के साथ हो रहे अत्याचार की दास्तान सुनते और पढ़ते हैं। कभी-कभी राह चलते हमलोग भी इसका सामना करते हैं ऐसे में खुद को सुरक्षित रखने के लिए हमलोग ताइक्वांडो सीख रहे हैं, ताकि ऐसी परिस्थिति में हमलोग मनचलों पर अटैक कर खुद की रक्षा कर सकें।

मनीष गोस्वामी ताइक्‍वांडो सिखाते हैं। उनका कहना है कि पहले कि अपेक्षा अब ट्रेनिंग सेंटर में ताइक्वांडो सीखने वाली बेटियों की संख्या दोगुने से अधिक हो गई है। पहले ताइक्वांडो और जूडो को सीखने वाली बेटियों की संख्या बेहद कम थी । लेकिन, बदलते दौर में अब 5 साल की बेटियों के साथ ही 45 साल की महिलाएं भी आत्मरक्षा के लिए ताइक्वांडो सीख रही हैं।

फ्री में सिखाते हैं ताइक्वांडो
प्रदेश में महिलाओं पर बढ़ते अपराध को देख भले ही सीएम योगी ने नवरात्र में मिशन शक्ति की शुरुआत की है लेकिन वाराणसी में कई ऐसे ट्रेनर और संस्था है जो बेटियों को फ्री में ताइक्वांडो की ट्रेनिग देते हैं। वाराणसी की अनिता सिंह भी पिछले सात सालों से काशी की बेटियों को जूडो और ताइक्वांडो सिखा रही हैं। इसके साथ ही बीआर फाउंडेशन और डिस्ट्रिक ताइक्वांडो असोसिएशन भी फ्री में बेटियों को ताइक्वांडो सिखा रहे हैं।

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“खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते”।

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