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भाजपा ने पसमांदा मुस्लिम समाज को साथ लाने के लिए शुरू किया महाअभियान – Bjp government started a campaign to bring the muslim community together

बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना ​​है कि 2022 की लोकसभा चुनाव और उसके बाद की वोटिंग में 50 प्रतिशत मुस्लिम आबादी रहती है। वहां पसमांदा मुस्लिम समाज के 8 फीसदी लोगों ने बीजेपी को अपनी मत दी. बाद में वजह से सफलता मिली है।

द्वारा कुशाग्र वलुस्कर

प्रकाशित तिथि: गुरु, 20 अक्टूबर 2022 07:20 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: गुरु, 20 अक्टूबर 2022 07:20 अपराह्न (IST)

बीजेपी ने पसमांदा मुस्लिम समाज को एकजुट करने के लिए महाअभियान शुरू किया है
बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना ​​है कि 2022 की लोकसभा चुनाव और उसके बाद की वोटिंग में 50 प्रतिशत मुस्लिम आबादी रहती है। वहां पसमांदा मुस्लिम समाज के 8 फीसदी लोगों ने बीजेपी को अपनी मत दी. बाद में वजह से सफलता मिली है।

मृत्युंजय लेखक

लोकसभा चुनाव और पूर्व जम्मू कश्मीर समेत कई राज्यों में चुनाव को लेकर ध्यान केंद्रित किए जाने से भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनाव में अंतिम रूप से पद का काम शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में जब हैदराबाद में आयोजित भाजपा समर्थकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पसमांदा मुस्लिम समाज की चर्चा की और स्नेह यात्रा की बात कही तब से भाजपा और पसमांदा मुस्लिम समाज के संप्रदायों की चर्चा जोर पकड़ रही है। पसमांदा समाज को अपनी ओर मोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश भाजपा ने भी अपना अभियान तेज कर दिया है।

बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना ​​है कि 2022 की लोकसभा चुनाव और उसके बाद की वोटिंग में 50 प्रतिशत मुस्लिम आबादी रहती है। वहां पसमांदा मुस्लिम समाज के 8 फीसदी लोगों ने बीजेपी को अपनी मत दी. बाद में वजह से सफलता मिली है। अब उसी समय फिक्रमंद के आधार पर बीजेपी ने अपने किरायेदार को धार देना शुरू कर दिया है। आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना ​​है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास की मंजूरी में सबसे बड़ा फायदा मुस्लिम समाज को ही है। कोरोना कालखंड में मुफ्त राशन योजना का 80 प्रतिशत, न्यूनतम वाले राशन से 51 प्रतिशत स्वास्थ्य बीमा, खाते में पैसा दिया की योजना का लाभ सहित पसमांदा मुस्लिम समाज को सरकार की घर बनाने में मदद, लड़कियों की शादी में मदद तो मिल ही रही है रोजगार एवं कौशल विकास योजना में भी पसमांदा मुस्लिम समाज के लोगों को लाभ मिलता है। वहीं उज्वला योजना जैसी छूट का लाभ भी पसमांदा मुस्लिम समाज के लोगों को मिल रहा है।

अब भाजपा पसमांदा मुस्लिम समाज के 4 करोड़ से अधिक संप्रदाय के बल पर समाज में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए आगे बढ़ रही है और इस कड़ी में बुद्धिजीवि सम्मेलन आयोजित कर रही है जिसमें पहला सम्मेलन लखनऊ में आयोजित किया गया है। नेशनल पसमांदा मुस्लिम समाज के सम्मेलन को देखकर ऐसा लगा कि विकास के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब सभी का विश्वास भी खत्म कर रहे हैं। भाजपा की ओर से जारी विज्ञप्ति में मुस्लिम समुदाय के लोगों को अधिक से अधिक टिकटें पर भी विचार किया जा रहा है। लखनऊ में आयोजित सम्मेलन में कई ऐसे चायहरे थे जो आगामी चुनावों में टिकटों के प्रबल दावेदार भी थे। नोएडा में आयोजित पसमांदा बुद्धिजीवी सम्मेलन में गले में भगवा गमछा और सिर पर भगवा टोपी पहनावा ढाल वर्ग के मुस्लिम समाज के लोग दोनों हाथ ऊपर कर भारत माता की जय और वंदेमातरम के गगनभेदी नारे लगा रहे थे। सम्मेलन में पधारे पसमांदा मुस्लिम समाज के सभी लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिना भेदभाव योजनाओ को लाभ देने से खुश होकर सामने आए।

पोर्टफोलियो से लिए गए प्रमाणकत भाजपा के टिकट ब्लॉक प्रमुखों की चुनावी लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं। अलाबामा से ही मोहम्मद रफी का कहना है कि अलाबामा में भाजपा को मिली जीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तपस्या का प्रतिफल है। मुस्लिम समाज के सभी लोगों का मत था कि हम सभी लोगों ने सभी आश्रमों को देख लिया है, केवल दलितों को अपना वोट बैंक ही बनाया और काम करना ही भूल गया। सिर्फ चुनाव में ही प्रतिभाओं को दूसरे दल याद करते हैं। मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो बिना किसी भेदभाव के आदर्शों को मुफ्त राशन, उज्वला योजना मुफ्त शौचालय आदि का लाभ दे रहे हैं। ऐसे में मुस्लिम नेताओं का कहना था कि आने वाले 2024 में भी बैकपैक वाॅजमेज़ पर कमल ही खिलेगा।

बाज़ार से आये अमीर अहमद का कहना था कि गुड़िया को भाजपा का प्रदर्शन दिखाया गया है। साढ़े सात साल केंद्र से और साढ़े पांच साल से यूपी में बीजेपी की सरकार किस मुसलमान के साथ ज्यादा हुई। कांग्रेस, एसपी, एसआईपी सहित अन्य सभी दल केवल रासलीला को देखते हैं। इसी प्रकार मोहम्मद तारिक व महमूद खान ने कहा कि भाजपा बेहिचक लिपस्टिक आगामी चुनावों में अपना साझीदारी बनाए रखेगी।

बुद्धिजीवियों के सम्मेलन में जम्मू कश्मीर से अल्पसंख्यक गुलाम अली खटाना ने सबसे महत्वपूर्ण बात कही कि सिर्फ एक परिवार को जम्मू कश्मीर का प्रिंस बनाने के लिए 370 लागू किया गया। बैकुंठ मुस्लिम आवाज न लिफ्ट एस्से कश्मीर का एक हिस्सा पाकिस्तान के व्यवसाय में दिया गया। केंद्र की भाजपा सरकार ने 370 को लागू करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर में नौ पवित्र पसमांदा समाज के लोगों के लिए व्यवसाय शुरू किया गया है। अब पंचायत चुनाव में भी मुस्लिमों को नामांकन की तैयारी है। अगर कोई यह कहे कि इस्लाम और मुस्लिम ख़तरे में है तो इसे सिर्फ बक्शर समझकर घोषित करना होगा।

साझीदारी सदस्य का मत है कि विरोधी विचारधारा ने मुस्लिम समाज को अपने जलसे में सिर्फ धार्मिक समान विचारधारा वाले लोगों को दिखाया है। वोट दिया और भूल गए। कॉन्फ्रेंस को यूपी के पाइपलाइन रीडर और अल्पसंख्य कल्याण मंत्री दानिश आजाद ने भी एक बयान दिया जिसमें कॉन्फ्रेंस को बताया गया कि साल-2022 के विधानसभा चुनाव में पसमांदा समाज ने बीजेपी को वोट मजबूत किया और पार्टी ने उन्हें मंत्री बनाया। अब आगे निकायोंचुनावों में भी बड़ी जिम्मेदारी है जिसमें बैकपैक पार्टियों को पार्टी की बड़ी संख्या में टिकटें शामिल हैं। पसमांदा मुस्लिम भाजपा की रणनीति में हमेशा से रहे हैं लेकिन अब भाजपा नेतृत्व पर विशेष नजर है।

अकाउंट के अकाउंट से यह वोट बैंक मैक्सिमम की सौ से अधिक सीटो पर अपना प्रभाव डालता है। उत्तर प्रदेश की 80वीं सदी में लगभग 30 संसदीय सेवाओं पर पसमांदा मुस्लिम समाज का सीधा प्रभाव पड़ता है। भाजपा ने चार करोड़ से अधिक पसमांदा मुस्लिम समाज के वोट बैंक को अपने पक्ष में सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्य योजना की तैयारी की है, जिसमें केंद्र व राज्य सरकार की सभी किशोर मंजूरी का लाभ समुदाय के सिद्धांतों तक को शामिल किया जाएगा और उनके साथ सर्वसम्मति से संवाद किया जाएगा। भी स्थापित किया गया। जिन स्थानों पर पार्टी बहुमत में हैं वहां पर पार्टी इकाइयों में जगह दी जाएगी। भाजपा ने पसमांदा समुदाय से आने वाले आने वाले परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद को सम्मानित करने और उनकी जयंती पर समारोह आयोजित करने की भी योजना बनाई है। ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम समाज के यूपी अध्यक्ष डेबी राइन का कहना है कि आजादी के बाद मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं। पसमांदा समाज के लिए बहुत कुछ कहा जाता है।

पुरानी भूमिका वाले पसमांदा समाज में अभियोजक, सफी, अमीर, अमीर, राइनी, तुर्क, फारूकी और मंसूरी शामिल हैं। प्रदेश की 30 मुख्यधारा पर पसमांदा समाज की भूमिका है। गरीबों में भी पसमांदा मुस्लिम समाज का वोट बैंक अच्छा दर्जा प्राप्त है। यही कारण है कि अब बीजेपी ने अतिपिछड़े पसमांदा मुस्लिम समाज को अपने साथ लाने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।

यही कारण है कि उत्तर प्रदेश में उच्च जाति के मुस्लिम मंत्री मोहसिन रजा को पसमांदा समाज के डेनिश आजाद अस्लाव को मंत्री बनाया गया है। पसमांदा मुस्लिम समाज के नेताओं की सरकार से सबसे बड़ी मांग यह हो रही है कि उन्हें भी एससी में शामिल किया जाए और नाईट की खूबियों का फायदा दिया जाए। सच्चर कमेटी ने भी दलित पसमांदा को एससी में शामिल करने की सलाह दी थी।

भाजपा ने जिस तरह से पसमांदा मुस्लिम समाज की ओर ध्यान देना शुरू कर दिया है वह यह है कि आने वाले समय में भाजपा अपनी इस मांग को लेकर पूरी तरह से रणनीति बनाने वालों को आश्चर्यचकित कर सकती है। फायदा दे दिया तब उनके देश की 190 सीटों पर असर पड़ सकता है, उसी तरह आज के बीजेपी नेतृत्व ने कई अपनी रणनीति को अंतिम रूप देते हुए समय पर झटका भी दिया है।

उत्तर प्रदेश के पैनल के पाठकों का कहना है कि कांग्रेस और सपा जैसे स्टूडियो ने आदर्शों को अनारक्षित कर दिया लेकिन विकास नहीं किया। हिटलर की एक बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि मुस्लिम संघ से जुड़ने के लिए जयश्रीराम बोलें लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ें।

भजन व संघ के मुसलमानों को अपने साथ जोड़ने के अभियान का प्रभाव इसी तरह दिखाया जा सकता है कि जब अभी पीआईएफई जैसे अनुयायियों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है तो उस समय कई मुस्लिम धर्मावलंबियों ने धर्मनिरपेक्षता का समर्थन किया था, जिसका कारण धर्मनिरपेक्ष संप्रदाय की मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति थी। की हवा निकल गई और प्रदेश में मदरसों के सर्वे को लेकर मुस्लिम कट्टरपंथियों की साजिश रची गई।

  • लेखक के बारे में

    माखनलाल शेट्टी राष्ट्रीय मठ एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मास कम्युनिकेशन ग्रेजुएट कुशाग्र वालुस्कर नईदुनिया डिजिटल में सीनियर सब एसोसिएट के पद पर हैं। माह


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