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द कश्मीर फाइल्स पर अनर्गल प्रलाप और विकृत राजनीति – The kashmir files unrestrained illustration and deformed politics truth can never be hidden

नदव लैपिड का बयान बहुत ही घटिया बयान है, दर्जनों ने भी इसका विरोध किया है। असल में यह लोग बिल्डर्स इलेक्ट्रानिक के एक्सीटेंशियल को ही कंफर्म कर रहे हैं। हिंदू बहिन- बेटियों के साथ अपवित्र तानाशाहों को अधिकार देने वाले जश्न मना रहे हैं।

द्वारा कुशाग्र वलुस्कर

प्रकाशित तिथि: रविवार, 04 दिसंबर 2022 09:17 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: रविवार, 04 दिसंबर 2022 09:17 अपराह्न (IST)

द केमिकल फाइल्स पर अनर्गल प्रलाप और विखंडित राजनीति
नदव लैपिड का बयान बहुत ही घटिया बयान है, दर्जनों ने भी इसका विरोध किया है। असल में यह लोग बिल्डर्स इलेक्ट्रानिक के एक्सीटेंशियल को ही कंफर्म कर रहे हैं। हिंदू बहिन- बेटियों के साथ अपवित्र तानाशाहों को अधिकार देने वाले जश्न मना रहे हैं।

मृत्युंजय लेखक

गोवा में अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों की जूरी के प्रमुख इजराइली फिल्मकार नदव लैपिड ने विवेक अग्निहोत्री की फिल्म, “द केश फाइल्स” को “वाल्गर प्रोपेगेंडा” और घटिया हकीक एक बहुत ही शर्मनाक और घटिया शक्ल की है, में भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन किया। उनके बयान से ऐसा लगता है कि नदव लैपिड भारत के उस शक्तिशाली टुकड़े टुकड़े की साजिशों का हिस्सा बन गए हैं जो हिंदू समाज से नफरत करते हैं। इस वैशिष्ट्य कथन के बाद सोशल मीडिया में वह सभी लोग और भी अधिक निकृष्ट शब्दों का प्रयोग करके ऐसे खुशियाँ मना रहे हैं जैसे उन्होंने एक बहुत बड़ी लड़ाई जीत ली हो। जो लोग आज नदव लिपिड के कथन पर नाच रहे हैं उन्हें ईश्वर और देश की जनता दोनों शांत भाव से देख रहे हैं।

नदव लैपिड का बयान बहुत ही घटिया बयान है, दर्जनों ने भी इसका विरोध किया है। इस लोग में यह लोग कट्टरपंथियों के प्रतिनिधियों को ही दोषी ठहरा रहे हैं और नरसंहार और हिंदू बहिन-बेटियों के साथ आदिवासी आदिवासियों को वास्तव में उनके अधिकार को सही करार देते हुए मना रहे हैं। ऐसे लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर राज्य सहस्त्राब्दी से भारत का आदर्श अंग था, है और रहेगा।

नदव की टिप्पणी पर आनंद सत्यदेव ने इस बात का अनुमान नहीं लगाया कि भारत की जनता अब हर बात को बहुत ही पारंपरिक तरीकों से समझ रही है और इन लोगों को बड़ी शांति के साथ कुरेदान में सलाह जा रही है। यह अनर्गल प्रलाप करने वाला टूलकिट गैंग है जो समय-समय पर जीवित हो जाता है। पिछले दिनों जब भारतीय सेना के कमांडर ने कहा था कि भारतीय सेना पाक अधिकृत कश्मीर को किसी भी क्षण पाकिस्तान से आजादी के लिए तैयार कर रही है, तब एक शक्तिशाली और धार्मिक फिल्म कलाकार ऋचा चड्ढा ने भारतीय सेना को गलवान की घटना के लिए उकसाया था। याद दिलाते ने एक ट्वीट किया था जिसके बाद काफी क्रेजी तूफान था और एडकारा को माफ़ी मांगनी पड़ी थी जबकि यह टूलकिट गैंग, कांग्रेसी और कांग्रेसी अपना बचाव कर रहे थे।

आश्चर्यजनक रूप से कांग्रेसी, चंचल, सेकुलर गैंग के साथ महाराष्ट्र में नए सेकुलर बने संजय राउत जैसे लोग भी नदव के दावे का समर्थन करते हुए कह रहे हैं कि यह एक धर्म विशेष के खिलाफ फिल्म प्रोपेगेंडा ही थी। और तो और भारतीय सेना को समर्थन देने के लिए अक्षय कुमार को कैनेडियन देखने वाले विदेशी नदव की टिप्पणी का आनंद उठा रहे हैं।

असल में “द केश फाइल्स” उन लोगों को वल्गर लग रही हैचिंग “मिशन कश्मीर” और “शिकारा” जैसी फर्जी प्रेम कहानियां गढ़कर कश्मीर में हुई हिंदू जेनोसाइड पर व्हाइट वाश करने का प्रयास किया गया था। “द केश फाइल्स” उन लोगों को भी पसंद नहीं है जो वास्तविक इतिहास से घृणा करते हैं और जो लोग कभी इस्लामिक कट्टरपंथी हिंसा का शिकार नहीं होते हैं। आज वे लोग भी विदेशी फिल्मकार नदव की टिप्पणी का आनंद उठा रहे हैं जो भारत-इजरायल मैत्री हैं के विरोधी रह रहे हैं।

“द केम फाइल्स” के अभिनेता अनुपम खेर ने नदव लैपिड के साथ टूलकिट गैंग पर भी जोरदार आलोचना करते हुए कहा, कि “द केम फाइल्स” फिल्म एक आंदोलन नहीं बल्कि एक आंदोलन है, कुछ लोगों को यह सच पचा नहीं रहा है। ये न इसे शामिल पा रहे हैं और न उगल रहे हैं। इस सच को वोट प्रोविजन करने के लिए उनकी आत्मा जो खराब है बुरी तरह से छटपटा रही है। जो सच है उसे भड़ा और नंगा है अगर आप नहीं देखते तो इसे बंद कर देते हैं मगर उसका मज़ाक उड़ान बंद किग।

जब यह फिल्म निर्माता में चित्रित की जा रही थी और उस समय भी आरोप लगाया गया था कि सेकुलर गैंग ने जम्मू कश्मीर के गुपकार गठबंधन के नेतृत्व में विरोध की पराकाष्ठा कर दी थी। फिल्म की समीक्षा के कारण शांत होना पड़ा अब नदाव के बयान से पुनः आरंभ हुआ ऑक्सीजन मिल गया। अब कांग्रेस, सेकुलर कांग्रेसी, देशविरोधी अभियान अभियान वाला सेकुलर तुल्कित गिरोह, दोस्ती का ही नहीं, विचारधारा में शामिल सभी हिंदू सनातन संस्कृति का अपमान कर रहे हैं है. फिल्म के निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने कहा है कि, अगर विरोधी फिल्म के किसी भी हिस्से को प्रोमो कर दें तो वह फिल्म बनाना छोड़ देंगे।

फिल्मकार नदाव लैपिड के बयान के बाद इजरायली राजदूत नाओर गिलोन ने नदाव को तगाड़ी लापिड के साथ मिलकर उनकी आलोचना को पूरी तरह से खारिज कर दिया और उन्हें भारत से छूट दे दी गई। गिलोन ने कहा कि नदव ने भारतीय संस्कृति में अतिथियों को भगवान की परंपरा का सम्मान और आतिथ्य का दुष्रूपयोग किया है। ज्यूरी प्रमुखों के रिश्तेदारों ने लैपिड के बयान में कहा कि सरकार की ओर से केवल अंतिम संस्कार के प्रतिभागियों को हतोत्साहित किया गया था। राजदूत गिलोन ने कहा कि यह फिल्म कश्मीर के नाम को खारिज कर देती है और हम लैपिड के बयान की निंदा करते हैं।

भारत में फिल्म निर्माता नदावपीड के बयान पर सभी सरकारी विरोधी राजनीतिक दल ने बयान दिया है, जहां नदव के बयान के साथ महाराष्ट्र के पूरे मुख्यमंत्री और साझीदार शामिल हैं, जिसमें गोइंग के मुख्यमंत्री रामाश्वम रावत तक नदव के बयान की कड़ी निंदा कर रहे हैं। द केम फाइल्स को वाल्गर ने बताया कि वाले फिल्मकार नदव लैपिड के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में भी सैद्धांतिक विरोध प्रदर्शन हो रहा है जिसमें स्थिर नदव को सक्रिय भारत से वापस बुलाने की मांग कर रहे हैं।

हिज्बुल मुजाहिदीन के हमलों में मारे गए रिपब्लिकन अशोक कुमार के बेटे विकास रैली ने कहा कि द कश्मीर फेल्स ने चौधरी पंडितों के पलायन पर सच्चाई को छुपाने के लिए 30 साल पुराने प्रोपेगेंडा को बेनकाब कर दिया है। उन्होंने पूछा कि, यह लैपिड हमारा दर्द क्या है? जब मैं बच्चा था तब मैंने अपने पिता को खो दिया था। यह भारत की “शिंडलर्स लिस्ट” है और यह हमारा सत्य भी है। जम्मू-कश्मीर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष इस क्रांतिकारी का कहना है कि नदव को पहले जम्मू-कश्मीर में मठ-आध्यात्मिक पंडितों के शिविरों का दौरा करना चाहिए। यह भी नहीं पता कि भेड़िये के जहाज़ के लोग प्रभावित होते थे और उनका धर्म कोई नहीं होता था। पाक कलाकार मछुआरों ने पिछले तीन दशकों में एक लाख लोगों की जान ली है और इसके बाकी शिष्य पंडितों को अपने घर से निकाल दिया है।

“द केश फाइल्स” समुद्री डाकू के सिद्धांत दौर और सात सत्य कहानियों पर बनी एक सच्ची फिल्म है। इन घटनाओं के साक्ष्य उपलब्ध हैं। यह सेकुलर लोग झूठ पर आधारित कहानियां पढ़ते हैं, लेकिन इस्लामिक दंगों के कारण हिंदू त्रासदी की असली कहानी जादू वल्गर दिखती है क्योंकि इन लोगों को दोस्ती का पलायन, उनकी हत्या, उनकी बहिन-बेटियों के सार्वजनिक बलात्कार का समर्थन करने में आनंद मिलता है है. “द कीम फाइल्स” का विरोध करने वाला गिरोह बहुत ही खतरनाक और मानसिक विकृति का गिरोह है जो जम्मू-कश्मीर की शांत हो रही स्थिति में खतरनाक जहर घोलना चाहता है।

  • लेखक के बारे में

    माखनलाल शेट्टी राष्ट्रीय मठ एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मास कम्युनिकेशन ग्रेजुएट कुशाग्र वालुस्कर नईदुनिया डिजिटल में सीनियर सब एसोसिएट के पद पर हैं। माह


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