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अग्निपथ योजना का हिंसक विरोध कहीं कोई राष्‍ट्र विरोधी साजिश तो नहीं – Violent protest against Agneepath plan is there any anti national conspiracy

75 प्रतिशत वकीलों को 4 साल की सेवा का अवसर देने वाली योजना, सेना के क्षेत्रीय कार्यालय और रक्षा मंत्रालय के साथ-साथ सरकार के बीच विभिन्न अंगो के बीच लंबे समय तक विचार-विमर्श सामने आया है। अग्निपथ योजना भारत के युवा वर्ग के लिए सर्वोत्तम है। इस योजना से देश के सोलो का प्रोफाइल युवा हो जाएगा। देश का उद्योग जगत भी अब अग्निपथ योजना के साथ खड़ा हो गया है। कई उद्योगों ने अग्निवीरों के लिए बड़ी घोषणाएं भी की हैं।

दुर्भाग्य से बात यह है कि जो अग्निपथ योजना आज देश की तीर्थयात्रा और युवा वर्ग के लिए अनिवार्य हो गई है उसी योजना के मोदी विरोधी बिना समझे और अपने एक तय लक्ष्य के तहत समाज में अफवाहें और ब्रह्मा पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। ।।

अग्निपथ को लेकर मोदी के इरादे पर बहुत ही खतरनाक नजरें आ रही हैं। ये वे नेता और दल हैं जो कभी सर्जिकल स्ट्राइक पर सबूत मांग रहे थे, राफेल का विरोध कर रहे थे, सी डी एस के लिए अमर्यादित टिपण्णी कर रहे थे, देश के लिए रक्षा सौदे पसंद नहीं थे लेकिन अग्निपथ योजना आ ही गई इन रातों चूहे सेना के भक्त हो गए। नई दिल्ली में कांग्रेसी नेताओं ने जमकर हंगामा मचाया। एक पूर्व कांग्रेसी नेता चिल्लाहा ने यहां तक ​​कहा कि हम यह योजना किसी भी सूरत में लागू नहीं करेंगे, जहां भी देश खून से हो जाएगा।

तृणमूल कांगेस के नेता और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि सेना में अग्निपथ स्कायज़ को बीजेपी आरएसएस बनाने की कोशिश कर रही है, जिसमें हथियार और हथियार शामिल हैं और चुनाव के दौरान उनके काम सामने आ रहे हैं। विधायक की बात ये है कि ममता बनर्जी ने विधानसभा में ये आरोप लगाया है. इसके बाद बीजेपी ने भी तुरंत ममता से माफ़ी की मांग की और कहा कि उन्होंने सेना का अपमान किया है।

कांग्रेस के वैधी नेता पी चिदंबरम ने ट्वीट किया, ”अगर आप ड्राइवर, धोबी या नई ट्रेनिंग लेना चाहते हैं तो अग्निवीर बने रहेंगे. यदि आप पकोड़े तलना सीखना चाहते हैं तो, अग्निवीर जलाना। अगर आप सैनिक चाहते हैं तो अप्लाई न करें।” एक वीडियो में दावा किया गया है कि आने वाले समय में फायरपैथ स्कॉब्स की भर्ती प्राइवेट एजेंसी में थी।

अग्निपथ योजना के सबसे अधिक खिलाफ़ ज़हर एआईएमआईएम नेता असदुद्दिन सोसिय उगल रहे हैं। ।। आप नेता संजय सिंह ने कहा कि सरकार अग्निपथ स्कॉल्स के तहत भर्ती आदिवासियों को न तो सैनिक मानेगी और न उन्हें शहीद का सिद्धांत देंगे। यूपी में समाजवादी नेता अखिलेश यादव कह रहे हैं कि सरकार ने देश के युवाओं से लेकर सेना तक का हक छीन लिया है।

ये वही हैं, जो कहते हैं कि हम बीजेपी की वैक्सीन नहीं लगवाएंगे। बड़ी मुश्किल से जमानत पर रिहा हुए आजम खान भी जहर उगल रहे हैं। तानाशाह सुप्रीमो मराठा भी अग्निपथ के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। बिहार में चारे के समूह के संस्थापक यादव के बेटे और राजद नेता तेजस्वी यादव ने बीसवीं तक पूछताछ की और उन्हें जवाब दिया।

अग्निपथ और अग्निवीरों को लेकर विरोधी गुट के नेताओं का ये आंदोलन बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और किशोर और सेना का सामूहिक गिरना वाला है। आतंकियों के आतंकियों के खिलाफ हमले के बाद जब भारतीय सेना ने कांग्रेस और आप की बड़ी पार्टी के खिलाफ आतंकियों पर हमले किए तो छोटे नेता इस बात का सबूत मांग रहे थे कि सेना ने आतंकियों के खिलाफ आत्मघाती हमले किए ही नहीं।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी सर्जिकल सटाइक पर सबूत मांगे थे। विपक्ष के समय कांग्रेस के नेताओं ने सेना विरोधी जो बयानबाजी करी थी उसी का परिणाम है कि आज कांग्रेस देश से विपक्षियों पर आ खड़ी हुई है। कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा से लेकर साम्यवादी सुरजेवाला तक सभी ने यहां तक ​​कहा कि जब सेना ने वीडियो जारी किया तब भी इन लोगों ने फर्जी कहा था।

ये नेता कभी राफेल डील का भी विरोध कर रहे थे और किसी भी हाल में राफेल को भारत में नहीं आना चाहते थे। ये वही लोग हैं जो राफेल डील के बाद पीएम मोदी को चोर कह रहे थे, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी ने मुझे भी चौकीदार का नारा दिया था 2019 के खुलासे की पूरी तस्वीर ही बदल दी गई थी।

आजादी के बाद जब नेहरू जी के शासनकाल में चीन के साथ खराब संबंध हो रहे थे, उस समय जनरल करियप्पा ने कहा था कि सरहद तक रसद और शस्त्रास्त्र शास्त्र के लिए मार्ग नहीं। इस पर नेहरू ने क्या कहा था यह सब उस समय के अखबारों में में जा देखा जा सकता है. इतना ही नहीं चीन के साथ युद्ध का समय नेहरू सरकार ने युद्ध में हथियार का प्रयोग नहीं किया और परिणाम क्या हुआ देश जानता है।

आज़ादी के बाद नेहरू जी के शासनकाल से ही रक्षा ताघेले होने लग गए थे और उनकी शुरुआत ट्रक से हुई थी। राजीव गांधी के शासनकाल में बोफोर्स घोटाला हुआ, जो मनमोहन सिंह के शासनकाल में ऑगा वेस्टलैंड तक जारी रहा। कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम जो अग्निपथ योजना पर ज्ञान दे रहे हैं और जनता में भ्रम फैला रहे हैं वे 100 से अधिक दिनों की जेल यात्रा कर चुके हैं और परिवार सहित बेल पर हैं।

अग्निपथ योजना का विरोध कर रहा है गांधी परिवार नेश नल हेराल्ड केस में फंसता जा रहा है और उस पर बदमाशों की तलवारें लटकती जा रही हैं। यही कारण है कि आजगांधी परिवार ही संपूर्ण कांग्रेस में शामिल नहीं है, इसी कारण वह अग्निपथ का विरोध कर रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी बार-बार यह बयान दे रहे हैं कि कृषि कानूनों की तरह ही अग्निपथ योजना की भी वापसी होगी, अब यह उनका दिवास्वप्न ही है।

वैसे भी कांग्रेस और सहयोगी दल के लोग कभी भी यह नहीं कहते कि भारतीय सेना और यहां का युवा, मजबूत सैश शक्ति और ऊर्जावान है। दल विरोधी पूरी ताकत के साथ अग्निपथ योजना के खिलाफ विरोध करेंगे ही लेकिन अग्निपथ के अपनी योजनाएं भी उसी तरह से बेनकाब और फ्लैप होहिया प्रकार से, जिस तरह से सीओवीआईडी ​​गठबंधन के खिलाफ बेनकाब हो गई है।

प्रेषक – मृत्युंजय लेखक, लखनऊ (उ प्रा ) -226018


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