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UP शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल: बोर्ड परीक्षा से पहले योगी सरकार ने किया 47 अफसरों का तबादला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

लखनऊ समाचार: सरकार ने बोर्ड परीक्षा से पहले बड़े फेरबदल करते हुए कई अधिकारियों को इधर से उधर किया है ताकि तैयारियों को समय से पूरा किया जा सके। लिहाजा सरकार ने सीतापुर, गोण्डा, बस्ती सहित 20 जिलों में नए डीआईओएस नियुक्त किए हैं।

  • News18Hindi
  • आखरी अपडेट:12 जनवरी, 2021, 8:43 AM IST

लखनऊ। प्रदेश की योगी सरकार (योगी सरकार) ने यूपी बोर्ड परीक्षा (यूपी बोर्ड परीक्षा) के मद्देनजर लापरवाह अधिकारियों को हटते हुए 20 जिलों में नए डीआईओएस की तैनाती की है। सरकार ने माध्यमिक शिक्षा क व ख ख वर्ग के 47 अधिकारियों को तबादले किए हैं। इस सूची में 15 अधिकारी ऐसे हैं जिन्हें बेसिक शिक्षा विभाग के निर्वतन पर रखा गया है। 25 ऐसे अधिकारी हैं जो अभी तक प्रोन्नति दी गई हैं।

सरकार ने बोर्ड परीक्षा से पहले बड़ा फेरबदल करते हुए कई अधिकारियों को इधर से उधर किया है ताकि तैयारियों को समय से पूरा किया जा सके। लिहाजा सरकार ने सीतापुर, गोण्डा, बस्ती सहित 20 जिलों में नए डीआईओएस नियुक्त किए हैं।

जाने कहां मिली तैनाती

प्रवीण कुमार मिश्रा बने डीआईओएस सोनभद्र, रितु गोयल डीआईओएस हाथरस बनाए गए, सूर्य प्रकाश सिंह डीआईएक्स कासगंज बने, ओम प्रकाश त्रिपाठी को डीआईओएस लखीमपुर खीरी की कमान दी गई, सर्वेश कुमार डीआईओएस बागपत बने, गोविंद राम को बलरामपुर की कमान सौंपी गई। यादव को डीआईओएस बस्ती बनाया गया, देवेंद्र कुमार गुप्ता बने डीआईओएस देवरिया, राजकुमार पंडित को मिला जौनपुर डीआईओएस का चार्ज, बृजेश मिश्रा डीआईएक्स बलिया बनाए गए, मनोज कुमार आगरा आगरा डीआईओएस, विष्णु प्रताप सिंह बने डीआईएस सुल्तानपुर, राकेश कुमार को कमांडर मिल गए। , धर्मवीर सिंह बने डीआईओएस गौतम बुद्ध नगर, शिव कुमार ओझा बने डीआईओएस बुलंदशहर, नरेंद्र शर्मा डीआईओएस द्वितीय प्रयागराज बनाए गए, देवी सहायता तिवारी को डीआईएस सीतापुर बनाया गया, मदन पाल सिंह डीआईए और रिया बनाए गए, नरेंद्र पांडे डीआईओएस द्वितीय वाराणसी बने, मुन्नीलाल डीएल दूसरा कानपुर बना। इसके अलावा रविंद्र कुमार को सहायक शिक्षा निदेशक प्रयागराज बनाया गया है।






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“खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते”।

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