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इंजीनियर ने 87 साल पुराने पेड़ पर बनाया 4 मंजिला घर, टहनियां बनीं डाइनिंग टेबल-टीवी स्टैंड | udaipur Engineer KP Singh builds Four storey House on mango tree

उदयपुर के चित्रकूट में बना है ट्री हाउस

उदयपुर के चित्रकूट में बना है ट्री हाउस

मीडिया से बातचीत में उदयपुर के इंजीनियर केपी सिंह बताते हैं कि उनकी दिल से इच्छा थी कि वे प्रकृति के बेहद करीब रहें। प्राकृतिक छांव व ताजा हवा मिले। यह इच्छा उदयपुर के चित्रकूट स्थित आम के पेड़ पर चार मंजिल का घर बनाने के बाद पूरी हुई।

 9 फीट की ऊंचाई से शुरू होता है घर

9 फीट की ऊंचाई से शुरू होता है घर

आम का यह पेड़ 39 फीट से अधिक ऊंचा है। इसमें नौ फीट की ऊंचाई से ट्री हाउस शुरू होता है। घर में रिमोट से संचालित सीढ़ियां बनाई गई हैं। हर मंजिल पर आसानी से पहुंचा जा सकता है।

एक भी टहनी नहीं काटी

एक भी टहनी नहीं काटी

इंजीनियर केपी सिंह के इस ड्रीम हाउस की खास बात यह है इसे बनाने में लकड़ी का इस्तेमाल नहीं किया गया। ना ही इस पेड़ की एक भी टहनी को काटा गया है। सेल्यूलर शीट, फाइबर और स्टील स्ट्रक्चर की मदद से पेड़ पर इस अनूठे घर को मूर्त रूप दिया गया है।

 किचन-बैडरूम से गुजरती हैं टहनियां

किचन-बैडरूम से गुजरती हैं टहनियां

चार मंजिला का पूरा घर पेड़ पर बने होने के कारण इसको पेड़ की टहनियों के हिसाब से डिजाइन किया गया है। इसमें किचन, बाथरूम, बैडरूम, डाइनिंग हॉल समेत जमीन पर बने घर की तरह तमाम सुख सुविधाएं हैं। किचन बैडरूम आदि से पेड़ की टहनियां निकलती हैं।

 कहीं सोफा तो कहीं टीवी स्टैंड बनीं टहनियां

कहीं सोफा तो कहीं टीवी स्टैंड बनीं टहनियां

इंजीनियर केपी सिंह ने अपने सपनों के इस घर में पेड़ की टहनियों को काटने की बजाय उनका उसी रूप में इस्तेमाल किया है। जैसे किसी टहनी को सोफा का रूप दिया गया है तो किसी को टीवी स्टैंड का।

 हवा में झूलता है पूरा घर

हवा में झूलता है पूरा घर

यूं तो इस ट्री हाउस में ताजा हवा मिलती रहती है, मगर जब तेज हवा चलती है तो पूरा घर झूलने लगता है। खास बात यह भी है कि पेड़ को बढ़ने के लिए जगह जगह बड़े हॉल छोड़े गए हैं ताकि पेड़ की शाखाओं को भी सूर्य की रोशनी मिल सके और वे अपने प्रा​कृतिक रूप से बढ़ सकें।

 20 साल पहले बनकर हुआ तैयार

20 साल पहले बनकर हुआ तैयार

इंजीनियर केपी सिंह ने अपना यह ट्री हाउस वर्ष 2000 में बनाया गया था। बीस साल बाद आज भी आम का पेड़ और घर दोनों सही सलामत हैं। उदयपुर की खूबसूरती को निहारने आने वाले पर्यटक इस अनूठे घर की ओर भी आकर्षित होते हैं।

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