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Ayodhya Deep Utsav 2020: 500 साल भगवान राम की नगरी होगी रौशन, 24 घाट पर जलेंगे छह लाख दीप

  • राम की नगरी अयोध्या में जलेंगे साढ़े 5 लाख दीप
  • बड़ी तादाद में दीये जलाकर एक बार फिर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स (Guinness World Records) में दर्ज होगा नाम

नई दिल्ली। भगवान राम की नगरी अयोध्या को लंबी लड़ाई लड़ने के बाद अपनी जन्म भूमि प्राप्त हुई है। अब इस जगह में कई साल के बाद एक फिर दिए की रोशनी से रौशन किया जाएगा। जीं हां इस साल की दिवाली के दिन अयोध्या एक बार दीपों की रौशनी में डूब जाएगा और उसका यह रुप पूरी दुनिया देखकर हैरान हो जाएगी। पूरे जोर शोर से आयोध्या में दिवाली मनाने की तैयारियां चल रही है। जिसके लिए प्रशासन खुद सामने आकर कई महीनों पहले से इसकी तैयारी में जुटा हुआ हैं।

भले ही पूरा देश कोरोना महामारी से परेशान हो लेकिन इसके बाद भी लोग आयोध्या की दाीवाली को खास मनाने के लिए जुटे हुए है। इस बार अयोध्या में चौथा दीपोत्सव मनाया जाएगा जोअधिक भव्य होगा। इस बार का दीपोत्सव इसलिए भी खास होने वाला है कि वह पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी कर रहा है और इस बार दीपोत्सव पर रामनगरी अयोध्या करीब 6 लाख दीपों से जगमगाएगी और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अयोध्या अपना नाम दर्ज कराएगा। ऐसे में चलिए जानते हैं कि आखिर क्यों इस बार की अयोध्या दिवाली होगी खास।

6 लाख दीपक जलेंगे

पिछले साल की तरह इस साल भी भगवान राम की नगरी दीपक से रौशन से जगमगा उठेगी। इस बार 24 घाटों पर 6 लाख दीपक जलाए जाएंगे

त्रेता युग के दिवाली की झलक

दिवाली के मौके पर रामलला के अस्थाई मंदिर में विशेष पूजा अर्चना होगी। इस बार भी राम की पैड़ी में नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है और इसके लिए पूरे अयोध्या में 5 लाख 51 हजार दीये जलाए जाएंगे। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 13 नवंबर को अयोध्या में मौजूद रहेंगे। इस बार दिवाली इसलिए खास रहेगी क्योंकि दीपावली रमलला परिसर में मनाकर त्रेता युग के इतिहास को दोहराया जाएगा। जिसकी झलक भी लोगों के सामने रखी जाएगी।







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“खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते”।

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