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बंगाल में राजनीति तेज, बीजेवाईएम के स्टेट सेक्रेटरी गिरफ्तार

हाइलाइट्स:

  • बंगाल में भारतीय जनता युवा मोर्चा के स्टेट सेक्रेटरी बप्पा चटर्जी की गिरफ्तारी के बाद से माहौल गर्म
  • शनिवार को बप्पा चटर्जी को आसनसोल में एक कोर्ट ने तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया
  • आसनसोल म्युनिसिपिल कॉर्पोरेशन के साइनबोर्ड की फेक फोटो शेयर करने के आरोप में गिरफ्तारी

आसनसोल
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति तेज हो गई है। यहां भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के स्टेट सेक्रेटरी बप्पा चटर्जी की गिरफ्तारी के बाद से माहौल गर्म है। विरोध करने पर पश्चिम बंगाल पुलिस ने BJYM के प्रदेश अध्यक्ष सौमित्र खान समेत कई युवा कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया।

शनिवार को बप्पा चटर्जी को आसनसोल में एक कोर्ट ने तीन दिन की कस्टडी में भेज दिया है। उन्हें सोशल मीडिया पर आसनसोल म्युनिसिपिल कॉर्पोरेशन के साइनबोर्ड की फेक फोटो शेयर करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस कमिश्नर के कार्यालय के बाहर धरना
इसके बाद बीजेपी सांसद और बीजेवाईएम पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष सौमित्र खान ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ बप्पा की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय के सामने धरना दिया। शनिवार को आसनसोल पुलिस ने सौमित्र खान और उनके चार से पांच कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में ले लिया था। हालांकि बाद में वह रिहा हो गए।

सौमित्र खान समेत 35 BJYM कार्यकर्ता हिरासत में

शनिवार सुबह तक सांसद सौमित्र खान और उनके पार्टी के कार्यकर्ता बप्पा चटर्जी की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए प्रदर्शन कर रहे थे। वहीं दूसरी ओर सिलिगुड़ी पुलिस ने करीब 35 युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। ये सभी प्रदेश अध्यक्ष सौमित्र खान की आसनसोल में हिरासत में लिए जाने का विरोध कर रहे थे।

बीजेपी ने बंगाल में की थी रैली
बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में राजनीति तेज है। पिछले दिनों बीजेपी ने एक रैली आयोजित की थी जिसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा था कि बंगाल से कोरोना जा चुका है लेकिन ममता बनर्जी जानबूझकर लॉकडाउन लगा रही हैं ताकि बीजेपी रैली न कर सके।

पुलिसवालों को इस्तीफा देकर सब्जी बेचनी चाहिए- दिलीप घोष
शनिवार को पुलिस प्रशासन पर हमला बोलते हुए घोष ने आरोप लगाया कि ज्यादातर पुलिसकर्मियों के पास हिम्मत नहीं है कि वह राज्य में भ्रष्ट तृणमूल सरकार के खिलाफ आवाज उठा सकें। उत्तरी चौबीस परगना जिले के बेलघरिया क्षेत्र में ‘चाय पर चर्चा’ कार्यक्रम में घोष ने कहा था, ‘भ्रष्ट पुलिसकर्मी बेशर्म हैं। उन्हें तृणमूल के कार्यकर्ता के तौर पर काम करने की बजाय इस्तीफा देकर सब्जी बेचना चाहिए और निष्ठापूर्वक जीवन यापन करना चाहिए।’

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“खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते”।

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