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हाथरस: दिल्ली शिफ्ट होना चाहता है पीड़िता का परिवार, भाई ने कहा- यहां रहकर हर रोज आती है बहन की याद

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हाइलाइट्स:

  • हाथरस गैंगरेप-मर्डर केस की सीबीआई जांच के बीच पीड़िता का परिवार फिर गांव छोड़ने की बात कर रहा है
  • पीड़िता के परिवार का कहना है कि वे लोग दिल्ली शिफ्ट होना चाहते हैं, इसके लिए सरकार से मदद की दरकार है
  • परिवार इससे पहले भी गांव छोड़ने की बात कह चुका है, तब डर की वजह से परिवार घर छोड़ना चाहता था

हाथरस
हाथरस गैंगरेप-मर्डर केस की सीबीआई जांच के बीच पीड़िता का परिवार एक बार फिर से गांव छोड़ने की बात कर रहा है। पीड़िता के परिवार का कहना है कि वे लोग दिल्ली शिफ्ट होना चाहते हैं। इसके लिए उन्हें सरकार से मदद की दरकार है। बता दें कि परिवार इससे पहले भी गांव छोड़ने की बात कह चुका है। तब डर की वजह से परिवार घर छोड़ना चाहता था।

पीड़िता के भाई ने कहा, ‘हम गांव में नहीं रहना चाहते हैं। हमारे केस को दिल्ली ट्रांसफर कर दिया जाए। परिवार भी सुरक्षा और रोजगार के लिए दिल्ली ही शिफ्ट होना चाहता है। दिल्ली में केस ट्रांसफर होने से वहां रहकर बेहतर पैरवी हो सकती है। हम वहां जाकर किराये के मकान में रह लेंगे।’ पीड़ि‍ता के भाई का कहना है, ‘सीबीआई को घटना के बारे में सारी बातें हम बता चुके हैं। अभी मां और भाभी से सीबीआई की बात होनी बाकी है।’

हाथरस केस- सीबीआई टीम ने की पीड़िता के भाई से घंटों पूछताछ

पढ़ें: हाथरस: CBI को आरोपी लवकुश के घर से मिली ‘खून से सनी शर्ट’, परिवार ने धब्बों को बताया पेंट का दाग

‘सरकार मदद कर दे तो बहुत अच्छा’
पीड़िता के बड़े भाई ने कहा, ‘इतना सब कुछ होने के बाद हमारा यहां रहना असंभव है। सरकार अगर दिल्ली शिफ्ट होने में हमारी मदद करे तो यह हमारे लिए बहुत मायने रखेगा। हम फिर से नई शुरुआत करना चाहते हैं।’ भाई ने कहा, ‘पुलिस सुरक्षा इस वक्त तो मौजूद है लेकिन यह हमेशा नहीं रहेगी।’ पीड़िता के परिवार ने 12 अक्टूबर को हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के सामने केस को यूपी से दिल्ली शिफ्ट करने की मांग की थी।

‘एक हादसे ने सारी अच्छी यादें मिटा दीं’
पीड़िता के छोटे भाई ने कहा, ‘यह एक कठिन फैसला होगा। हमारी पहचान इस गांव से जुड़ी है। हम यहीं पैदा हुए और यहीं पले-बढ़े। पीढ़ियों से हम यहां रह रहे हैं। यह आसान नहीं है लेकिन हम आगे बढ़ेंगे। इस गांव से हमारी कई अच्छी यादें भी हैं लेकिन एक बुरे हादसे ने सब पीछे छोड़ दिया। यहां रहने से हमें हर रोज याद आएगा कि हमारी बहन के साथ क्या हुआ था।’

पढ़ें: पीड़िता के परिवार की सरकार से मांग- दिल्ली शिफ्ट किया जाए हाथरस केस

एसडीएम ने परिवार से की मुलाकात
गांव में ऊंची जाति के 60 परिवार और 4 दलित परिवार रहते हैं। लड़की के परिवार की आरोपियों के परिवार से धमकी मिलने की शिकायत पर अतिरिक्त पुलिस बल उनके घर के बाहर लगाई गई थी। परिवार ने प्रशासन की तरफ से मुहैया कराई गई सुरक्षा पर संतोष जाहिर किया। शुक्रवार को एसडीएम अंजली गंगवार ने पीड़ित परिवार से मिलकर उनका हाल जाना। एसडीएम ने खाद्यान्न मुहैया कराने का भरोसा भी दिया। इस दौरान मृतका के पिता ने खेत की फसल की कटाई की इजाजत मांगी है। इस बीच, यूपी सरकार की ओर से गठित SIT ने जांच पूरी कर ली है। जल्द ही वह रिपोर्ट यूपी शासन को सौंप देगी।

पहले डर की वजह से गांव छोड़ना चाहता था परिवार
इससे पहले परिवार ने गांव छोड़ने की बात कही थी। परिवार का कहना था कि आरोपी पक्ष के समर्थन में पंचायत के चलते वे डर हुए हैं। उनका कहना था क‍ि हम पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है और धमकियां भी मिल रही हैं। पीड़ित के पिता ने कहा था, ‘पीड़िता के पिता ने कहा कि गांव में जिस तरह के हालात बनते जा रहे हैं उसे देखने के बाद हमें आगे चलकर मौत दिखाई दे रही है। हम कहीं भी चले जाएंगे। भीख मांगकर खाएंगे लेकिन गांव वापस नहीं आएंगे।’

पीड़िता के पिता और भाई से 6 घंटे तक हुई थी पूछताछ

हाथरस केस की सीबीआई जांच जारी है। बुधवार को सीबीआई ने पीड़िता के परिवार के सदस्यों से पूछताछ की थी जांच एजेंसी ने 6 घंटे तक पीड़िता के पिता और दोनों भाइयों से पूछताछ की थी। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें सीबीआई के अस्थायी कार्यालय से गांव ले जाया गया था।

हाई कोर्ट में 2 नवंबर को होगी सुनवाई
वहीं हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में भी केस की सुनवाई चल रही है। 12 अक्टूबर को पीड़िता के परिवार ने जबरन अंतिम संस्कार पर अपना बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि बिटिया को देखने तक नहीं दिया गया था। कोर्ट ने सरकार और प्रशासन की कड़ी फटकार भी लगाई थी। अब कोर्ट में अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।

टाइम्स ऑफ इंडिया के इनपुट के साथ

हाथरस मामले में सुनवाई पूरी, सुप्रीम कोर्ट ने आज क्या कहा?



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